गीता फोगाट को चित कर पूजा डांडा ने कॉमनवेल्थ के लिए झटका टिकट, ट्रायल्स में दी शिकस्त
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पूजा डांडा ने अप्रत्याशित मुकाबले में गीता फोगाट को चित करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया। हालांकि शुरुआती बढ़त देखकर लग रहा था कि देश की पहली महिला कुश्ती ओलंपियन गीता को आसानी से भारतीय टीम में जगह मिल जाएगी। लेकिन पूजा के दांव के आगे उनकी एक न चली।
गोल्ड कोस्ट (ऑस्ट्रेलिया) में अगले साल (2018) चार से 15 अप्रैल तक होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारतीय महिला कुश्ती टीम के लिए शनिवार को लखनऊ साई सेंटर में ट्रायल हुए। जहां छह घंटे तक चली मैराथन प्रक्रिया में देश की सर्वश्रेष्ठ 49 महिला पहलवानों में से छह भार वर्गों के लिए टीम का चयन किया गया।
टीम में जहां एक ओर लंबे समय के बाद घुटने की चोट से उबरकर बबिता ने सफल वापसी की, तो दूसरी ओर यूपी की दिव्या काकरान ने भी टिकट पक्का कर लिया। इसके अलावा रियो ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक आसानी से 62 किग्रा. और विनेश 50 किग्रा. में जगह बनाने में सफल रहीं।
साई सेंटर के मल्टीपरपज हाल में छह भार वर्गों के लिए 43 मुकाबले हुए। इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में दो भार वर्ग कम हैं। इसलिए मुकाबला और भी कड़ा था। कई पहलवानों को अपनी पसंद के बजाय निर्धारित वजन वर्गों में जोर-आजमाइश करनी पड़ी। ट्रायल में गीता की हार चौंकाने वाली रही।
गीता ने पिछले कॉमवेल्थ में जीता था गोल्ड मेडल
गीता पिछली कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने में कामयाब रही थी। मुकाबले में पूजा ने जबरदस्त खेल दिखाते हुए बबिता की चुनौती को तोड़ते हुए फाइनल में जगह बनाई, और 53 किग्रा. के फाइनल में सीमा को शिकस्त देते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स का टिकट हासिल किया।
ट्रायल में स्टार पहलवान विनेश ने 50 किग्रा में यूपी की इंदु और साक्षी मलिक ने 62 किग्रा. में रेशमा माने की चुनौती को तोड़ते हुए भारतीय महिला कुश्ती टीम में जगह बनाई।
यूपी की दिव्या काकरान ने 68 किग्रा में पिंकी को शिकस्त देते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स का टिकट हासिल किया। दो साल पहले रियो ओलंपिक खेलने के बाद घुटने की चोट से उबरते हुए बबिता ने सफल वापसी की और 53 किग्रा. में सीमा को शिकस्त देते हुए भारतीय टीम में जगह बनाई। मुकाबलों को देखने के लिए भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह भी पहुंचे थे।
डोप के चलते भारतीय टीम से बाहर चल रहे पहलवान नरसिंह यादव भी अपनी पत्नी शिल्पी का उत्साह बढ़ाने यहां पहुंचे थे।