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प्रदूषण जांच केंद्र पर दिनभर सर्वर ने खूब रूलाया
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फोटो कुलदीप सिंह जियामऊ के पेट्रोल पम्प पर प्रदूषण जांच केन्द्र पर लगी भीड
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लखनऊ। राजधानी में सोमवार को वाहनों के प्रदूषण जांच के लिए वाहन मालिक परेशान रहे। सेंटर से टोकन लेकर दो से तीन घंटे बाद वह पंप पर पहुंचे तो निराश होकर लौटना पड़ा। इसकी वजह रही सर्वर की खराब कनेक्टिविटी जिससे गोमतीनगर, हजरतगंज समेत अन्य इलाकों में वाहन स्वामी घंटों इंतजार के बाद लौट गए।
बिना प्रदूषण जांच कराए वाहन दौड़ा रहे लोग जुर्माने के खौफ से परेशान हैं। पेट्रोप पंप पर बने प्रदूषण जांच केंद्र पर सुबह से ही वाहनों की कतार लग रही है। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे कई जांच केंद्रों का सर्वर गुल हो गया। ऐसे में टोकन लेकर जांच कराने पहुंचे वाहन मालिकों के घंटों इंतजार के बाद भी जांच नहीं हो पाई। गोमतीनगर पत्रकारपुरम, जियामऊ, पिकअप के बगल, हजरतगंज डीएम आवास के सामने पंप पर बने जांच केंद्र से सर्वर गायब रहा। वाहन स्वामी पेट्रोल पंपों पर स्थित जांच केंद्रों पर प्रमाणपत्र के लिए कतार लगाए रहे। प्रदूषण जांच केंद्र पर कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि दोपहर बाद से कई सेंटरों पर सर्वर नहीं आ रहा था। वाहन मालिक प्रदूषण जांच के लिए एक पंप से दूसरे तक भटकते रहे।
बापू भवन के सामने दुरुस्त रहा सर्वर
बापू भवन के सामने हुसैनगंज रोड पर बने पंप पर वाहनों के प्रदूषण की जांच हो रही थी। टोकन लेने के बाद वाहन मालिकों को यहां पर आधे से एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। वाहन मालिकों का कहना था कि कई जगह पर सर्वर में दिक्कत से जांच के लिए यहां आना पड़ा।
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एक साल के लिए बाइक का 50 रुपये
प्रदूषण जांच के लिए मोटरसाइकिलों से छह माह के लिए 40 रुपये वसूले जा रहे हैं, जबकि बीएसफोर वाहनों से एक साल के लिए 50 रुपये का शुल्क वसूला जा रहा है। जबकि वाहन मालिकों को रसीद 30 रुपये की थमाई जा रही है।
अन्य जगह भी खुलें सेंटर
हुसैनगंज पेट्रोल पंप पर ही दोपहर बाद प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी हो रहे थे। डीएम आवास के सामने गए तो पता चला कि सर्वर तीन घंटे से नहीं है। इस पंप पर आए तो यहां पर जांच से लेकर प्रदूषण प्रमाणपत्र मिलने में एक घंटा लग गया। भीड़ को देखते हुए प्रशासन को कई अन्य जगह सेंटर भी खोलने चाहिए।
सतीश कुमार, व्यापारी, अलीगंज डंडइया
अवैध वसूली पर लगे रोक
कई पंपों पर प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करने वाले सेंटर बंद पड़े हैं। कुछ पर इतनी भीड़ हो रही है कि वहां पर तीन से चार घंटे बाद नंबर आ रहा है। प्रशासन को जांच केंद्र पर तय शुल्क से अधिक वसूली पर रोक लगाई जानी चाहिए।
विनोद, गोमतीनगर
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बिना प्रदूषण जांच कराए वाहन दौड़ा रहे लोग जुर्माने के खौफ से परेशान हैं। पेट्रोप पंप पर बने प्रदूषण जांच केंद्र पर सुबह से ही वाहनों की कतार लग रही है। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे कई जांच केंद्रों का सर्वर गुल हो गया। ऐसे में टोकन लेकर जांच कराने पहुंचे वाहन मालिकों के घंटों इंतजार के बाद भी जांच नहीं हो पाई। गोमतीनगर पत्रकारपुरम, जियामऊ, पिकअप के बगल, हजरतगंज डीएम आवास के सामने पंप पर बने जांच केंद्र से सर्वर गायब रहा। वाहन स्वामी पेट्रोल पंपों पर स्थित जांच केंद्रों पर प्रमाणपत्र के लिए कतार लगाए रहे। प्रदूषण जांच केंद्र पर कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि दोपहर बाद से कई सेंटरों पर सर्वर नहीं आ रहा था। वाहन मालिक प्रदूषण जांच के लिए एक पंप से दूसरे तक भटकते रहे।
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बापू भवन के सामने दुरुस्त रहा सर्वर
बापू भवन के सामने हुसैनगंज रोड पर बने पंप पर वाहनों के प्रदूषण की जांच हो रही थी। टोकन लेने के बाद वाहन मालिकों को यहां पर आधे से एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। वाहन मालिकों का कहना था कि कई जगह पर सर्वर में दिक्कत से जांच के लिए यहां आना पड़ा।
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एक साल के लिए बाइक का 50 रुपये
प्रदूषण जांच के लिए मोटरसाइकिलों से छह माह के लिए 40 रुपये वसूले जा रहे हैं, जबकि बीएसफोर वाहनों से एक साल के लिए 50 रुपये का शुल्क वसूला जा रहा है। जबकि वाहन मालिकों को रसीद 30 रुपये की थमाई जा रही है।
अन्य जगह भी खुलें सेंटर
हुसैनगंज पेट्रोल पंप पर ही दोपहर बाद प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी हो रहे थे। डीएम आवास के सामने गए तो पता चला कि सर्वर तीन घंटे से नहीं है। इस पंप पर आए तो यहां पर जांच से लेकर प्रदूषण प्रमाणपत्र मिलने में एक घंटा लग गया। भीड़ को देखते हुए प्रशासन को कई अन्य जगह सेंटर भी खोलने चाहिए।
सतीश कुमार, व्यापारी, अलीगंज डंडइया
अवैध वसूली पर लगे रोक
कई पंपों पर प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करने वाले सेंटर बंद पड़े हैं। कुछ पर इतनी भीड़ हो रही है कि वहां पर तीन से चार घंटे बाद नंबर आ रहा है। प्रशासन को जांच केंद्र पर तय शुल्क से अधिक वसूली पर रोक लगाई जानी चाहिए।
विनोद, गोमतीनगर