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बस कागजों में हटी यूपी में इन 12 माननीयों की सुरक्षा, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिए थे निर्देश
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 23 Nov 2017 03:33 PM IST
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माननीयों की सुरक्षा हटाने का जुलाई का निर्देश सिर्फ कागजी साबित हुआ। वास्तव में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रदेश के जिन 12 माननीयों की सुरक्षा हटाने का दावा किया था उनकी सुरक्षा एक दिन के लिए भी नहीं हटी। समीक्षा के नाम पर इनकी सुरक्षा बहाल रखी गई है।
पूर्व सांसद धनंजय सिंह की सुरक्षा हटाने को लेकर छिड़े विवाद के बाद सवाल उठ रहे थे कि जिन माननीयों की सुरक्षा केंद्र सरकार ने जुलाई 2017 में ही हटाने के निर्देश दिए थे, उन्हें आखिर अब तक किस आधार पर सुरक्षा मिली हुई है। राज्य के गृह विभाग के सूत्रों की मानें तो 10 जुलाई को 12 माननीयों की सुरक्षा 31 जुलाई तक हटाने के निर्देश दिए गए थे।
लेकिन सुरक्षा हटती उससे पहले ही केंद्रीय गृह विभाग की ओर से एक और निर्देश जारी किया गया। इसमें हटाई गई सुरक्षा पर पुनर्विचार करने की बात कही गई और तब तक माननीयों की सुरक्षा बरकरार रखने को कहा गया।
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इन नेताओं की सुरक्षा हटाने के थे निर्देश
प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल नंदी, बृजेश पाठक, एसपी सिंह बघेल, मोती सिंह, पूर्व सांसद धनंजय सिंह व जुगल किशोर, विधायक सुशील सिंह, पूर्व विधायक मुकेश शर्मा, भगवान शर्मा, बृजेश मिश्र सौरभ, जयवीर सिंह और कन्नौज से भाजपा नेता सुब्रत पाठक। नंदी और एसपी सिंह बघेल को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली थी। बृजेश पाठक के पास जेड श्रेणी की सुरक्षा थी। इनकी ही सुरक्षा में सीआईएसएफ के जवान लगे हुए हैं। अन्य के पास अलग-अलग श्रेणी की सुरक्षा है। इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।
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पूर्व सांसद धनंजय सिंह की सुरक्षा हटाने को लेकर छिड़े विवाद के बाद सवाल उठ रहे थे कि जिन माननीयों की सुरक्षा केंद्र सरकार ने जुलाई 2017 में ही हटाने के निर्देश दिए थे, उन्हें आखिर अब तक किस आधार पर सुरक्षा मिली हुई है। राज्य के गृह विभाग के सूत्रों की मानें तो 10 जुलाई को 12 माननीयों की सुरक्षा 31 जुलाई तक हटाने के निर्देश दिए गए थे।
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लेकिन सुरक्षा हटती उससे पहले ही केंद्रीय गृह विभाग की ओर से एक और निर्देश जारी किया गया। इसमें हटाई गई सुरक्षा पर पुनर्विचार करने की बात कही गई और तब तक माननीयों की सुरक्षा बरकरार रखने को कहा गया।
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इन नेताओं की सुरक्षा हटाने के थे निर्देश
प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल नंदी, बृजेश पाठक, एसपी सिंह बघेल, मोती सिंह, पूर्व सांसद धनंजय सिंह व जुगल किशोर, विधायक सुशील सिंह, पूर्व विधायक मुकेश शर्मा, भगवान शर्मा, बृजेश मिश्र सौरभ, जयवीर सिंह और कन्नौज से भाजपा नेता सुब्रत पाठक। नंदी और एसपी सिंह बघेल को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली थी। बृजेश पाठक के पास जेड श्रेणी की सुरक्षा थी। इनकी ही सुरक्षा में सीआईएसएफ के जवान लगे हुए हैं। अन्य के पास अलग-अलग श्रेणी की सुरक्षा है। इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।