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अखिलेश की नाक के नीचे सियासत कर रहे अफसर

Mon, 16 Jun 2014 10:52 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 16 Jun 2014 10:52 AM IST
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political story behind transfer

प्रशासनिक अधिकारियों के हाल में हुए तबादलों पर नजर डालें तो एक राजनीतिक अंतर्कथा भी सामने आती है, जो अफसरों की ताकत का एहसास कराने के साथ यह भी बताती है कि कम से कम उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक प्रबंधन संभालने के हुनरमंद माने जाने वाले ये अधिकारी राजनीतिक मैनेजमेंट में भी किसी नेता से कम दक्ष नहीं हैं।

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तभी तो उन्होंने सरकार की इच्छा का खयाल रखा तो दूसरे दलों के उन नेताओं की इच्छा की भी अनदेखी नहीं की जो भविष्य में उनके संरक्षक की भूमिका निभा सकते हैं।

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ये वो मामले हैं जिनसे पता चलता है कि अधिकारी भी राजनेताओं की तरह अपने हित साधने में किसी नेता से पीछे नहीं हैं।

भाजपा नेता का रिश्तेदार अधिकारी

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लखनऊ में एक ऐसे आईएएस अफसर को तैनात किया गया जो भाजपा के एक ताकतवर नेता के रिश्तेदार हैं। बताया जाता है कि इनकी लखनऊ में तैनाती का मकसद उन नेता के राजनीतिक हितों को साधने में सहायता करना है।

जिस पद पर इस अधिकारी की तैनाती की गई है, वह पद कई अहम विभागों में प्रभावी भूमिका निभाता है। जाहिर है कि संबंधित राजनेता के कई काम स्वत: हो सकते हैं। साथ ही रोजमर्रा के कामकाज के झंझट से भी निजात मिल सकती है। अन्य कई तरह के लाभ भी हो सकते हैं।

यह बात मुख्यमंत्री के करीबी एक मंत्री ने भी भांप ली। इस मंत्री को भी राजधानी में ही राजनीति करनी है, सो उन्हें इसके खतरे का एहसास हो गया।

उन्होंने अफसर की तैनाती पर आपत्ति उठा दी है।

ये है इनका मकसद

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इसी तरह घाघरा पार दो जिलों में जिलाधिकारी बनाए गए अफसरों में एक इसी इलाके के रहने वाले भाजपा नेता के छोटे भाई हैं। इनकी तैनाती के पीछे भी मामला इलाके में संबंधित नेता के लिए राजनीतिक भूमि को उपजाऊ बनाना है।

बताया जाता है कि ये भाजपा नेता पहले केंद्र में ही राजनीति करने के इच्छुक रहे हैं, पर इधर कुछ वर्षों में समीकरण बदल जाने के कारण उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं बदलीं।

अब वे अपने पुत्र को उसी इलाके से चुनावी राजनीति में समायोजित कराना चाहते हैं, जहां उनके भाई डीएम बनकर पहुंचे हैं।

इसी क्षेत्र के अन्य जिले में डीएम बनाए गए एक अधिकारी एक वरिष्ठ बसपा नेता के नजदीकी रिश्तेदार हैं। पता चला है कि संबंधित बसपा नेता अपने परिवार के एक सदस्य को इस इलाके से राजनीति में उतारना चाहते हैं।

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बसपा के मंत्री का करीब‌ी था अधिकारी

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एनआरएचएम घोटाले के आरोप में जेल में बंद बसपा सरकार के ताकतवर मंत्री रहे बाबूसिंह कुशवाहा के करीबी एक अधिकारी को बुंदेलखंड के एक जिले में जिलाधिकारी बनाया गया है।

कुशवाहा जब खनन मंत्री थे, तब भी इस अधिकारी की खनन विभाग के पट्टा व ठेका देने में भूमिका थी।

अनाज घोटाले में हाथ होने के अलावा मायावती सरकार में खनन के घपलों शामिल होने के आरोप भी इस अफसर पर लग चुके हैं। पर, इस अधिकारी को उस इलाके में जिलाधिकारी बना दिया गया जो खनन के लिए ही चर्चित है।

बताया जाता है कि इस अधिकारी की तैनाती के पीछे उनके परिवार के एक सदस्य की इस क्षेत्र से चुनावी राजनीति में प्रवेश की इच्छा बड़ा कारण है।

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