पीएम मोदी ने आदिवासी महिला को चप्पल पहनाकर की दलितों को रिझाने की कोशिश, योगी ने दी सौगातें
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डॉ. आंबेडकर के बहाने दलितों की लामबंदी की लड़ाई और गहरी हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में आदिवासी महिला के पैरों में पादुका (चप्पल) पहनाकर तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण व चार कार्यक्रमों में भागीदारी के साथ ही एससी-एसटी के लिए कई घोषणाएं करके सपा व बसपा पर बाजी मारने की कोशिश की।
भाजपा सरकार ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति की बस्तियों के जिन घरों में बिजली नहीं है, उन्हें बिजली कनेक्शन देने का कार्यक्रम शुरू करके भी दलितों के बीच पकड़ बनाने की ओर कदम बढ़ा दिया। समाजवादी पार्टी भी पीछे नहीं रही। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय के लोहिया सभागार में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा विराजित कर दलितों को साधने की कोशिश की। रही बसपा, तो उसने हमेशा की तरह मंडल स्तर पर कार्यक्रम करके आंबेडकर जयंती मनाई।
कोशिश इस तरह: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव और एससी-एसटी एक्ट पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद की घटनाओं से उपजी चिंता के मद्देनजर भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तर पर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम करके दलित हितैषी चेहरे को तराशने का संदेश देने की कोशिश की गई।
सपा ने अपने कार्यालय में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगवाकर और इससे पहले राज्यसभा व फिर विधान परिषद के चुनाव में बसपा प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर को समर्थन देकर दलितों को यही संदेश देने की कोशिश की है कि वह बदल चुकी है। अब वह वर्ष 1995 में स्टेट गेस्ट हाउस कांड जैसी घटनाओं की सूत्रधार वाली सपा नहीं है। वह बसपा सुप्रीमो मायावती को ही नहीं, बल्कि दलितों और उनके महापुरुषों को भी पूरे सम्मान के साथ अपने साथ रखना चाहती है। जाहिर है, इसके पीछे दलितों के वोट पाने की ही चिंता रही।
बसपा ने भी साधे समीकरण
मायावती लखनऊ तो नहीं आईं, पर दिल्ली में ही उन्होंने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की। पर, खुद उन्होंने और उनकी पार्टी के लोगों ने मंडल स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में जिस तरह कहा कि सिर्फ योजनाएं शुरू करने से दलितों का भला नहीं हो सकता, उससे साफ हो गया कि आने वाले दिनों में वह दलितों के मुद्दों को लेकर भाजपा पर लगातार दबाव बनाएगी। कहीं थोड़ी सी चूक मिली तो उसे मुद्दा बनाने से नहीं हिचकेंगी।
भाजपा की तैयारी इस तरह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एससी-एसटी छात्रों के वजीफा में 750 रुपये की बढ़ोतरी और इसकी पात्रता की आय सीमा बढ़ाने की घोषणा।
एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों के जल्द निस्तारण के लिए 25 न्यायालयों का एलान।
एससी-एसटी विकास कमीशन के गठन की घोषणा।
कोई दलित या भूमिहीन गरीब यदि सरकारी जमीन पर बसा है तो उसे उजाड़ा नहीं जाएगा।
मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया, शिक्षा : सुरक्षित भविष्य. उद्यम पूंजी जैसी योजनाएं।
ग्राम स्वराज अभियान में दलित बहुल गांवों में काम
उज्ज्वला योजना (मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन) देना
प्रधानमंत्री सहज बिजली (सौभाग्य) योजना में हर घर को बिजली कनेक्शन
उजाला योजना (एलईडी बल्ब वितरण)
प्रधानमंत्री जन-धन योजना
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (दो लाख रुपये का जीवन बीमा)
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (2 लाख रुपये का जोखिम बीमा)
मिशन इंद्रधनुष (स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम)
स्वच्छता अभियान और समरसता भोज