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विकासवादी सोच से राजनीति के शिखर तक पहुंचे आरिफ खान, बने केरल के राज्यपाल
Sun, 01 Sep 2019 04:00 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहराइच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहराइच
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sun, 01 Sep 2019 04:00 PM IST
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arif mohammad khan
- फोटो : ANI
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पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान का बहराइच की राजनीति से बहुत गहरा रिश्ता रहा है। लंबे अरसे तक वह यहां की राजनीति से जुड़े रहे। आज उनके केरल का राज्यपाल बनते ही करीबी लोग उनके राजनीतिक सफर की याद कर रहे हैं। शाहबानो प्रकरण में सरकार से मतभेद के बाद आरिफ खान पूरे देश की राजनीति में एक अलग शख्सियत के रूप में सामने आए थे।
बुलंदशहर के स्याना तहसील के बारीजोत गांव के मूल निवासी आरिफ मोहम्मद खान 1980 के दशक में कांग्रेस के टिकट से पहली बार कानपुर से लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर संसद पहुंचे थे।पार्टी ने वर्ष 1984 में उनको बहराइच संसदीय सीट से प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतारा था। बहराइच की जनता के बीच वह एक लोकप्रिय नेता के रूप में उभरकर सामने आए।
ये भी पढ़ें : कलराज राजस्थान आरिफ खान बने केरल के राज्यपाल, भगत सिंह कोश्यारी को मिला महाराष्ट्र का कार्यभार
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हालांकि इसके बाद वह जनता दल के टिकट से 1989 में चुनाव लड़े और जीत हासिल की। बहराइच में उनके राजनीतिक सफर के दौरान साथ रहने वाले कई धार्मिक संस्थाओं व शिक्षण संस्थाओं के सदस्य अब्दुल रहमान ने बताया कि आरिफ मोहम्मद खान शाहबानो प्रकरण को लेकर राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ हो गए थे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
उनकी सोच हमेशा विकासवादी रही है। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष राज सिंह ने कहा कि बहराइच की राजनीति से दूर रहने के बाद भी वह यहां के लोगों के साथ अपने लगाव के कारण हमेशा जुड़े रहते हैं। किसी से भी मुलाकात होते ही वह बहराइच के लोगों का हालचाल जानने को उत्सुक रहते हैं।
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बुलंदशहर के स्याना तहसील के बारीजोत गांव के मूल निवासी आरिफ मोहम्मद खान 1980 के दशक में कांग्रेस के टिकट से पहली बार कानपुर से लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर संसद पहुंचे थे।पार्टी ने वर्ष 1984 में उनको बहराइच संसदीय सीट से प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतारा था। बहराइच की जनता के बीच वह एक लोकप्रिय नेता के रूप में उभरकर सामने आए।
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हालांकि इसके बाद वह जनता दल के टिकट से 1989 में चुनाव लड़े और जीत हासिल की। बहराइच में उनके राजनीतिक सफर के दौरान साथ रहने वाले कई धार्मिक संस्थाओं व शिक्षण संस्थाओं के सदस्य अब्दुल रहमान ने बताया कि आरिफ मोहम्मद खान शाहबानो प्रकरण को लेकर राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ हो गए थे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
उनकी सोच हमेशा विकासवादी रही है। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष राज सिंह ने कहा कि बहराइच की राजनीति से दूर रहने के बाद भी वह यहां के लोगों के साथ अपने लगाव के कारण हमेशा जुड़े रहते हैं। किसी से भी मुलाकात होते ही वह बहराइच के लोगों का हालचाल जानने को उत्सुक रहते हैं।