{"_id":"3413205fb998bebf3742367ff6c076ff","slug":"political-gossip-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"तभी तो ये हाल हुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तभी तो ये हाल हुआ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 09 Jun 2014 10:50 AM IST
विज्ञापन
बदायूं कांड को लेकर वहां राजनीतिक-पर्यटन परवान पर है। एक राष्ट्रीय पार्टी के युवराज भी पहुंचे। परिवारीजनों से मुलाकात के बाद मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर दी गई।
विज्ञापन
पार्टी के प्रदेश मुखिया कहां पीछे रहते? उसी दिन शाम को ही बयान दे डाला कि अगर प्रदेश सरकार सीबीआई जांच की मांग नहीं मानती है तो वे अगले दिन से अनशन पर बैठ जाएंगे।
विज्ञापन
नेताजी ने बयान जारी करने से पहले यह भी नहीं ध्यान दिया कि प्रदेश सरकार तो उसी दिन दोपहर में ही घोषणा कर चुकी थी। पर, नेताजी तो ठहरे नेताजी।
पहुंच गए अनशन पर बैठने। सोचा था कि कल नहीं छपे, तो आज छप जाएंगे। इसी बीच, मीडिया के उनके एक शुभचिंतक ने कान में कहा, ‘सरकार तो कल ही घोषणा कर चुकी है।
विज्ञापन
यह अखबार में भी छपा है।’ बेचारे मुखियाजी से न निगलते बना, न उगलते। अब लोग चुटकी ले रहे हैं, ‘ऐसे ही नेताओं के चलते पार्टी का यह हाल हुआ है।’