{"_id":"4e7e03785c0bd923b716bb04146a6a0b","slug":"political-gossip-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"आ देखें जरा...बेहतर सेटर कौन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आ देखें जरा...बेहतर सेटर कौन
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 30 May 2014 09:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनाव के नतीजों से खीझे नेताओं को सेट करना अफसरों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
विज्ञापन
सत्तारूढ़ दल के शीर्षस्थ लोगों के सामने ऐसे अफसर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। उन्हें पद जाने का डर भी सता रहा है।
कुछ पंचम तल पर बैठे अफसरों को साध रहे हैं तो कुछ राजनेताओं के दर पर मत्था टेक रहे हैं। चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही ऐसे अफसरों की बेचैनी सत्ता के गलियारों में साफ देखी जा रही है।
ऐसे अफसर किसी न किसी बहाने अपने नजदीकियों से संपर्क बनाकर सरकार का मिजाज टटोलने की कोशिश में लगे हैं।
मुख्यालय के एक अधिकारी ने इन हालात पर चुटकी ली और अपने सहयोगी अफसर से पूछा-देखते हैं कि बेहतर सेटर कौन है?