{"_id":"5c6142a8bdec222bf4528d61","slug":"policeman-committed-suicide-in-lucknow","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लखनऊः पुलिसकर्मी ने फंदे से लटककर दी जान, सुसाइड नोट में लिखी ये बातें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊः पुलिसकर्मी ने फंदे से लटककर दी जान, सुसाइड नोट में लिखी ये बातें
Mon, 11 Feb 2019 03:08 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 11 Feb 2019 03:08 PM IST
विज्ञापन
रामबरन (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ के कैसरबाग इलाके के मोहल्ला कटरा मकबूलगंज में राजाराम के मकान में किराए पर रह रहे पुलिस के चतुर्थश्रेणी कर्मचारी रामबरन यादव (40) ने शनिवार रात कमरा भीतर से बंद करके पंखे से चादर का फंदा कसा और फांसी लगा ली।
मकान मालिक ने रविवार सुबह शव लटका देख पुलिस को सूचना दी। कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है। गृहकलह की आशंका के चलते छानबीन की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने बताया कि रोजाना सुबह आठ बजे तक जागने वाले रामबरन का कमरा न खुलने पर मकान मालिक ने आवाज दी।
आहट न होने पर दराज से झांका। फंदे से शव लटका देख शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। चौकी प्रभारी ने छानबीन के साथ रायबरेली के महाराजगंज थाने के गांव बावन बुजुर्ग कलां निवासी परिवारीजनों को फोन किया।
विज्ञापन
कमरे से मिले सुसाइड नोट में रामबरन ने परेशानियों से तंग आकर खुदकुशी की बात लिखी। उसमें किसी का दोष न होने और किसी को परेशान न करने के उल्लेख के साथ अपने परिचित राजू के पास जमा एक लाख रुपये और अंशू के पास जमा रकम परिवारीजनों को दिलाने और बच्चों के ख्याल रखने के अनुरोध किया और सभी से माफी मांगी।
विज्ञापन
मकान मालिक ने रविवार सुबह शव लटका देख पुलिस को सूचना दी। कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है। गृहकलह की आशंका के चलते छानबीन की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने बताया कि रोजाना सुबह आठ बजे तक जागने वाले रामबरन का कमरा न खुलने पर मकान मालिक ने आवाज दी।
विज्ञापन
आहट न होने पर दराज से झांका। फंदे से शव लटका देख शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। चौकी प्रभारी ने छानबीन के साथ रायबरेली के महाराजगंज थाने के गांव बावन बुजुर्ग कलां निवासी परिवारीजनों को फोन किया।
विज्ञापन
कमरे से मिले सुसाइड नोट में रामबरन ने परेशानियों से तंग आकर खुदकुशी की बात लिखी। उसमें किसी का दोष न होने और किसी को परेशान न करने के उल्लेख के साथ अपने परिचित राजू के पास जमा एक लाख रुपये और अंशू के पास जमा रकम परिवारीजनों को दिलाने और बच्चों के ख्याल रखने के अनुरोध किया और सभी से माफी मांगी।
सिपाही न बन पाने का था मलाल
रामबरन (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
खुदकुशी का पता चलने पर भाई रामसुमिरन यादव, पत्नी अनीता और बेटी प्रतीक्षा परिवार के अन्य लोगों के साथ रोते-बिलखते मौके पर पहुंची। परिवारीजनों ने बताया कि पिता रामदुलारे यादव के स्थान पर वर्ष 2010 में रामबरन को नौकरी मिली थी।
उसे लंबाई कम होने के कारण सिपाही न बन पाने का मलाल था और चतुर्थश्रेणी से तृतीय श्रेणी में पदोन्नति के लिए प्रयासरत था। अस्वस्थ होने के कारण पत्नी अनीता तीन महीने से बेटी के साथ गांव में रह रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के शिविर कार्यालय में तैनात रामबरन रोजाना ड्यूटी से लौटने के बाद घर पर फोन करके पत्नी व बेटी का हाल पूछता था।
उसे लंबाई कम होने के कारण सिपाही न बन पाने का मलाल था और चतुर्थश्रेणी से तृतीय श्रेणी में पदोन्नति के लिए प्रयासरत था। अस्वस्थ होने के कारण पत्नी अनीता तीन महीने से बेटी के साथ गांव में रह रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के शिविर कार्यालय में तैनात रामबरन रोजाना ड्यूटी से लौटने के बाद घर पर फोन करके पत्नी व बेटी का हाल पूछता था।