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ठगी करके भागी कंपनियों के संचालकों की संपत्तियां होंगी नीलाम

Sun, 01 Nov 2020 01:08 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 01:08 AM IST
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police will take action on fraud companies
विवेक त्रिपाठी
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राजधानी में प्लॉट और निवेश के नाम पर आम जनता के सैकड़ों करोड़ रुपये डकारकर भागी कंपनियों के संचालकों को कानून के शिकंजे में लेने के लिए पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। ऐसी तमाम कंपनियों के संचालकों की संपत्तियों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है जिनके खिलाफ लगातार एफआईआर दर्ज हो रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कंपनी संचालकों की संपत्तियों की जानकारी के बाद उन्हें जब्त कर नीलामी की प्रक्रिया कराई जाएगी। नीलामी से मिली रकम से ठगी के शिकार लोगों के रुपये वापस कराए जाएंगे। कमिश्नरेट पुलिस की इस कार्रवाई से ठगी के शिकार लोगों को अपने रुपये वापस मिलने की उम्मीद जगी है।
पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि यह कार्रवाई रीयल एस्टेट और इनवेस्टमेंट कंपनियां खोलकर आम जनता से ठगी करने के गोरखधंधे पर लगाम लगाने की शुरुआतभर है। बीते करीब 15 सालों से राजधानी में ऐसी कंपनियां खोलकर ठगी करने वाले अधिकतर लोग ऑफिस बंद कर बोरिया-बिस्तर समेटकर भाग चुके हैं या फिर जेल में बंद हैं। विदेश में बैठकर धंधा चला रहे कंपनी संचालक हों या फिर जेल में बंद लोग, सबकी संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। कंपनी संचालकों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम के प्रदेश व देश के विभिन्न हिस्सों में मकान, ऑफिस, जमीनें, फार्म हाउस, होटल, गाड़ियां, बैंक खाते तथा अन्य जगहों पर निवेश की गई रकम का पता लगने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। गोमतीनगर की एसीपी श्वेता श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने अपने सर्किल के थानों में ठग कंपनियों के संचालकों के खिलाफ दर्ज मुकदमों में यह प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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अभी तक ठग कंपनियों व उनके संचालकों के खिलाफ कार्रवाई एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने तक ही सीमित थी। पहली बार पुलिस ने ठगी के शिकार लोगों के रुपये वापस दिलाने के प्रयास शुरू किए हैं। इससे पीड़ितों का पुलिस पर भरोसा तो बढ़ेगा ही, उनकी मेहनत की कमाई भी वापस मिलने की उम्मीदें जागेंगी।
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गोमतीनगर, विभूतिखंड, हजरतगंज में सबसे ज्यादा ठग कंपनियां
ठग कंपनियों के ऑफिस सबसे ज्यादा गोमतीनगर, विभूतिखंड और हजरतगंज थाना क्षेत्रों में खुले हैं। इन्हीं तीन थानों में सबसे ज्यादा मुकदमे भी दर्ज हैं। गोमतीनगर थाना में तो रोज ठगी के दो से तीन मामलों में एफआईआर लिखी जाती है। कंपनियां इन जगहों पर ऑफिस किराये पर लेकर अपना धंधा शुरू करती हैं और तीन-चार साल की स्कीम लांच करती है। स्कीम पूरी होने से पहले ही कंपनी संचालक ऑफिस बंद करके भाग खड़े होते हैं।

इन कंपनियों से होगी शुरुआत
आम जनता के सैकड़ों करोड़ रुपये हजम करके दुबई भागे राशिद नसीम की गोमतीनगर के आर स्क्वॉयर स्थित शाइन सिटी इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड समेत कई कंपनियां, गोमतीनगर के ही विराटखंड में अजीत कुमार गुप्ता और उनकी आईएफएस पत्नी निहारिका सिंह की अनी बुलियन ट्रेडर, अनी श्री साईं इन्फ्रा, अनी बुलियन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, अनी मोबाइल, अनी डिजिटल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और आई विजन इंडिया क्रेडिट कोऑरपेटिव सोसायटी लिमिटेड समेत अन्य कंपनी, गोमतीनगर की ही आर संस इन्फ्रालैंड डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, विभूतिखंड स्थित हेलो राइड कंपनी, हजरतगंज स्थित कंछल समूह की कंपनियां, हजरतगंज में अंसल और रोहतास कंपनी जैसी कंपनियों से पुलिस कार्रवाई की शुरुआत करेगी।
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