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महानिदेशक परिवार कल्याण को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस पर वे नहीं मिलीं
Wed, 01 May 2019 06:11 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 01 May 2019 06:11 PM IST
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पुलिस
- फोटो : amar ujala
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महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ नीना गुप्त को गिरफ्तार करने पुलिस उनके ऑफिस पहुंची, लेकिन वे नहीं मिलीं।
आपको बता दें कि हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अदालत के आदेशों की बार-बार अवमानना के मामले में कड़ा रुख दिखाते हुए महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. नीना गुप्ता के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही लखनऊ एसएसपी को निर्देश दिए हैं कि वह दो मई को डॉ. गुप्ता की कोर्ट के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित करें।
न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने यह आदेश याची सावित्री सिंह की अवमानना याचिका पर दिया। याचिका में कहा गया है कि पारिवारिक पेंशन संबंधी मामले में रिट कोर्ट का आदेश जारी होने के बाद भी जानबूझ कर उसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
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आपको बता दें कि हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अदालत के आदेशों की बार-बार अवमानना के मामले में कड़ा रुख दिखाते हुए महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. नीना गुप्ता के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही लखनऊ एसएसपी को निर्देश दिए हैं कि वह दो मई को डॉ. गुप्ता की कोर्ट के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित करें।
न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने यह आदेश याची सावित्री सिंह की अवमानना याचिका पर दिया। याचिका में कहा गया है कि पारिवारिक पेंशन संबंधी मामले में रिट कोर्ट का आदेश जारी होने के बाद भी जानबूझ कर उसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
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हाईकोर्ट ने इससे पहले 5 मार्च को परिवार कल्याण महानिदेशालय में महानिदेशक, राष्ट्रीय कार्यक्रम अनुश्रवण व मूल्यांकन के पद पर तैनात डॉ. गुप्ता को शपथपत्र पर अदालत के आदेशों पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा देने के निर्देश दिए थे।
अदालत ने ये भी निर्देश दिए थे कि ऐसा नहीं किए जाने की स्थिति में महानिदेशक को अगली सुनवाई पर 2 अप्रैल को कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा। लेकिन न तो हलफनामा दाखिल किया गया और न ही वह पेश हुईं। अदालत ने इसपर डॉ. गुप्ता के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को नियत की थी।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान जब अदालत वे फिर उपस्थित नहीं हुईं और न ही उनकी तरफ से पेशी से माफी को लेकर कोई दरख्वास्त दी गई, तब अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिए।
अदालत ने ये भी निर्देश दिए थे कि ऐसा नहीं किए जाने की स्थिति में महानिदेशक को अगली सुनवाई पर 2 अप्रैल को कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा। लेकिन न तो हलफनामा दाखिल किया गया और न ही वह पेश हुईं। अदालत ने इसपर डॉ. गुप्ता के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को नियत की थी।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान जब अदालत वे फिर उपस्थित नहीं हुईं और न ही उनकी तरफ से पेशी से माफी को लेकर कोई दरख्वास्त दी गई, तब अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिए।