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Lucknow News: दो संदिग्धों को पुलिस ने किया ट्रेस, गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना
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यश की फाइल फोटो।
लखनऊ। ऑनलाइन गेम में 14 लाख रुपये गंवाने के बाद आत्महत्या करने वाले मोहनलालगंज धनुवासाड़ गांव निवासी कक्षा छह के छात्र यश (13) के मामले में पुलिस को दो संदिग्धों के नाम व पते हाथ लगे हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए मोहनलालगंज पुलिस व साइबर क्राइम की संयुक्त टीम शहर से बाहर भेजी गई है।
पुलिस व साइबर क्राइम सेल के सूत्र बताते हैं कि यश ने आत्महत्या के डेढ़ से दो माह पहले एक ग्रुप में गेम खेलना शुरू किया था। ग्रुप से जुड़े कुछ लोगों ने उसे टारगेट किया। आरोपियों ने यश से अलग-अलग नंबरों से बातचीत करनी शुरू की और अपने जाल में फंसाने के बाद उससे रकम ऐंठने लगे।
जालसाजों ने यश से साढ़े तीन लाख रुपये में एक लैपटॉप भी खरीदवाकर ठगा था। कुछ रुपये जालसाजों ने अलग-अलग खातों में ट्रांसफर भी कराए थे। पुलिस व साइबर क्राइम सेल ने यश के पिता के खाते से ट्रांसफर किए गए रुपये का ब्योरा हासिल कर लिया है। इसके जरिये पुलिस ने दो संदिग्धों को ट्रेस किया है। सूत्र बताते हैं कि दोनों संदिग्धों का संबंध बिहार से है। शनिवार को मोहनलालगंज व साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम दोनों की गिरफ्तारी के लिए बिहार के लिए भेजी गई है।
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एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा ने बताया कि पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। साइबर क्राइम सेल की मदद से बड़ी ही बारीकी से केस की जांच की जा रही है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
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हर कोई जख्म कुरेद कर चला जाता है, न्याय दिलाने वाला कोई नहीं
मोहनलालगंज। यश की मौत के बाद घर पहुंचने वाले नेता व अन्य लोग जख्म कुरेद कर चले जाते हैं, लेकिन न्याय दिलाने के लिए कोई आगे नहीं आया। यह दर्द है कि छात्र के पिता सुरेश यादव का। बेटे की याद में रोते हुए सुरेश ने कहा कि परिवार घुटन में जी रहा है। पत्नी बेटे के गम में अपनी सुध खो चुकी है, बीमार है। पैसे न होने के कारण वह इलाज नहीं करा पा रहे। पत्नी की स्थिति ठीक न होने के कारण वह काम पर नहीं जा पा रहे हैं। परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। (संवाद)
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पुलिस व साइबर क्राइम सेल के सूत्र बताते हैं कि यश ने आत्महत्या के डेढ़ से दो माह पहले एक ग्रुप में गेम खेलना शुरू किया था। ग्रुप से जुड़े कुछ लोगों ने उसे टारगेट किया। आरोपियों ने यश से अलग-अलग नंबरों से बातचीत करनी शुरू की और अपने जाल में फंसाने के बाद उससे रकम ऐंठने लगे।
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जालसाजों ने यश से साढ़े तीन लाख रुपये में एक लैपटॉप भी खरीदवाकर ठगा था। कुछ रुपये जालसाजों ने अलग-अलग खातों में ट्रांसफर भी कराए थे। पुलिस व साइबर क्राइम सेल ने यश के पिता के खाते से ट्रांसफर किए गए रुपये का ब्योरा हासिल कर लिया है। इसके जरिये पुलिस ने दो संदिग्धों को ट्रेस किया है। सूत्र बताते हैं कि दोनों संदिग्धों का संबंध बिहार से है। शनिवार को मोहनलालगंज व साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम दोनों की गिरफ्तारी के लिए बिहार के लिए भेजी गई है।
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एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा ने बताया कि पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। साइबर क्राइम सेल की मदद से बड़ी ही बारीकी से केस की जांच की जा रही है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
हर कोई जख्म कुरेद कर चला जाता है, न्याय दिलाने वाला कोई नहीं
मोहनलालगंज। यश की मौत के बाद घर पहुंचने वाले नेता व अन्य लोग जख्म कुरेद कर चले जाते हैं, लेकिन न्याय दिलाने के लिए कोई आगे नहीं आया। यह दर्द है कि छात्र के पिता सुरेश यादव का। बेटे की याद में रोते हुए सुरेश ने कहा कि परिवार घुटन में जी रहा है। पत्नी बेटे के गम में अपनी सुध खो चुकी है, बीमार है। पैसे न होने के कारण वह इलाज नहीं करा पा रहे। पत्नी की स्थिति ठीक न होने के कारण वह काम पर नहीं जा पा रहे हैं। परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। (संवाद)