{"_id":"6ae117b0fce8ff8d5b096dfe","slug":"biopsy-test-reports-will-now-be-available-within-five-days-at-the-cancer-institute-lucknow-news-c-13-lko1070-1984623-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: कैंसर संस्थान में अब पांच दिन में मिलेगी बायोप्सी की जांच रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: कैंसर संस्थान में अब पांच दिन में मिलेगी बायोप्सी की जांच रिपोर्ट
विज्ञापन
कैंसर संस्थान।
लखनऊ। चक गंजरिया स्थित कैंसर संस्थान में 2.16 करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल पैथोलॉजी लैब स्थापित की गई है। इस सुविधा से कैंसर मरीजों की बायोप्सी जांच रिपोर्ट अब पांच दिन में मिल सकेगी। अभी रिपोर्ट आने में आठ से 10 दिन लगते थे। मंगलवार को संस्थान में ऑन्कोपैथोलॉजी विभाग के स्थापना दिवस समारोह में निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने लैब का शुभारंभ किया।
निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने कहा कि समय पर जांच रिपोर्ट मिलने से मरीजों का इलाज जल्द शुरू करने में मदद मिलेगी। कैंसर के उपचार में एक-एक दिन महत्वपूर्ण होता है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय ने बताया कि डिजिटल तकनीक से नमूनों की जांच और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज होगी। इससे जांच में देरी कम करने, गलतियों की आशंका घटाने और अधिक नमूनों की जांच करने में मदद मिलेगी।
ऑन्कोपैथोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. दीप्ति मिश्रा ने बताया कि नई लैब में पैथोलॉजी स्लाइड की उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल तस्वीरें तैयार की जा सकेंगी। इन्हें संस्थान के विशेषज्ञों के साथ दूसरे चिकित्सा केंद्रों के डॉक्टरों को भी तत्काल भेजा जा सकेगा। इससे जटिल कैंसर मामलों में विशेषज्ञों की राय और दूसरी चिकित्सकीय राय जल्दी मिल सकेगी। भौतिक स्लाइड एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने की जरूरत भी कम होगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि डिजिटल तस्वीरों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे पुराने मामलों की रिपोर्ट और नमूनों का दोबारा अध्ययन करना आसान होगा। इस सुविधा का लाभ ग्रामीण और दूरदराज के मरीजों को भी मिल सकता है। स्वास्थ्य केंद्रों से कोशिकाओं के नमूने डिजिटल माध्यम से संस्थान भेजे जा सकेंगे, जिससे मरीजों को बार-बार लखनऊ आने की जरूरत कम होगी।
कार्यक्रम में पीजीआई के पैथोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं डीन डॉ. मनोज जैन ने कैंसर पैथोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर डॉ. मधुमति गोयल, डॉ. विजेंद्र कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता, डॉ. आयुष लोहिया, आयोजन सचिव डॉ. श्रेष्ठा घोष और संयुक्त आयोजन सचिव डॉ. प्रियंका समीर मौजूद रहीं।
विज्ञापन
निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने कहा कि समय पर जांच रिपोर्ट मिलने से मरीजों का इलाज जल्द शुरू करने में मदद मिलेगी। कैंसर के उपचार में एक-एक दिन महत्वपूर्ण होता है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय ने बताया कि डिजिटल तकनीक से नमूनों की जांच और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज होगी। इससे जांच में देरी कम करने, गलतियों की आशंका घटाने और अधिक नमूनों की जांच करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
ऑन्कोपैथोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. दीप्ति मिश्रा ने बताया कि नई लैब में पैथोलॉजी स्लाइड की उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल तस्वीरें तैयार की जा सकेंगी। इन्हें संस्थान के विशेषज्ञों के साथ दूसरे चिकित्सा केंद्रों के डॉक्टरों को भी तत्काल भेजा जा सकेगा। इससे जटिल कैंसर मामलों में विशेषज्ञों की राय और दूसरी चिकित्सकीय राय जल्दी मिल सकेगी। भौतिक स्लाइड एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने की जरूरत भी कम होगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि डिजिटल तस्वीरों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे पुराने मामलों की रिपोर्ट और नमूनों का दोबारा अध्ययन करना आसान होगा। इस सुविधा का लाभ ग्रामीण और दूरदराज के मरीजों को भी मिल सकता है। स्वास्थ्य केंद्रों से कोशिकाओं के नमूने डिजिटल माध्यम से संस्थान भेजे जा सकेंगे, जिससे मरीजों को बार-बार लखनऊ आने की जरूरत कम होगी।
कार्यक्रम में पीजीआई के पैथोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं डीन डॉ. मनोज जैन ने कैंसर पैथोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर डॉ. मधुमति गोयल, डॉ. विजेंद्र कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता, डॉ. आयुष लोहिया, आयोजन सचिव डॉ. श्रेष्ठा घोष और संयुक्त आयोजन सचिव डॉ. प्रियंका समीर मौजूद रहीं।