यूपी कैबिनेट: ग्रेनो में बनेगा प्रगति रोबोटिक्स पार्क, एक लाख लोगों को मिलेगा रोजगार; मजबूत होगी अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई। इस पार्क से यूपी की अर्थव्यवस्था में हर साल दो हजार करोड़ रुपये की वृद्धि होने का अनुमान है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक के विकास, स्वदेशी रोबोटिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने और निवेश व अनुसंधान के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए ग्रेटर नोएडा में प्रगति रोबोटिक्स पार्क बनेगा। यह 69.52 एकड़ भूमि पर बनेगा। परियोजना के पूर्ण विस्तार पर एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई। इस पार्क से यूपी की अर्थव्यवस्था में हर साल दो हजार करोड़ रुपये की वृद्धि होने का अनुमान है। कैबिनेट ने 322 किमी लंबे 4 लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 17,542.06 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर मुहर लगाई। इसे तीन साल में पूरा किया जाएगा।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति के तहत नोएडा में 4 कंपनियों के निवेश को मंजूरी दी गई। इनमें हैवेल्स इंडिया लि. 879 करोड़, एलजी सॉफ्ट इंडिया प्राइवेट लि. 634 करोड़, अमेरिप्राइज इंडिया एलएलपी 112.84 करोड़ और मेटलाइफ ग्लोबल ऑपरेशन्स सपोर्ट सेंटर प्राइवेट लि. 84 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
- जीसीसी ऐसे केंद्र होते हैं, जहां बहुराष्ट्रीय और बड़ी कंपनियां तकनीकी विकास, अनुसंधान, वित्तीय सेवाओं, डिजिटल परिचालन, इंजीनियरिंग और वैश्विक कारोबार का संचालन करते हैं।
एआई : डिजाइन, परीक्षण व विकास के संसाधन एक ही परिसर में मिलेंगे
पार्क में रोबोटिक्स परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र, रैपिड प्रोटोटाइपिंग, एआई कंप्यूटिंग अवसंरचना, मोशन कैप्चर व डाटा प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन सुविधाओं से कंपनियों को रोबोट और एआई आधारित उत्पादों के डिजाइन, परीक्षण और विकास के लिए जरूरी तकनीकी संसाधन एक ही परिसर में मिल सकेंगे।
- दो जोन में विकास : पहला जोन आठ एकड़ का होगा। इसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 26% और चयनित औद्योगिक साझीदार की 74% हिस्सेदारी होगी। प्राधिकरण 21.1 करोड़ का अंशदान करेगा।
- दूसरा जोन 61.52 एकड़ भूमि में बनेगा। यहां निजी उद्यम निवेश कर औद्योगिक इकाइयां व संबंधित गतिविधियां विकसित करेंगे। इस जोन के विकास के लिए राज्य पर कोई पूंजीगत दायित्व नहीं होगा।
- बेहतर होगी कनेक्टिविटी : चार लिंक एक्सप्रेसवे में जेवर के दो पैकेजों का 74 किमी हिस्सा भी शामिल है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक की लंबाई 50.94 किमी है। इससे जेवर क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
- न्यूनतम मजदूरी बढ़ी : श्रमिकों की न्यूूनतम मजदूरी 238.39 रुपये बढ़ गई है। नोएडा में अकुशल श्रमिक अब 13,883 रुपये, अर्द्धकुशल 15,271.41 और कुशल श्रमिक हर माह 17,106.39 रुपये पाएंगे।