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मदरसे में दरिंदगी: मैनेजर पर कसेगा शिकंजा, इस तरह योजना बना रही है पुलिस

Mon, 01 Jan 2018 03:07 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 01 Jan 2018 03:07 PM IST
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police to take statements of madarsa teachers in sexual harasment case.
आरोपी मैनेजर कारी तैय्यब जिया - फोटो : amar ujala

लखनऊ के सआदतगंज के यासीनगंज स्थित मदरसा खदीज़तुल कुबरा लिलबनात के मैनेजर कारी तैय्यब जिया द्वारा दसवीं की छात्रा से दुष्कर्म और पांच अन्य छात्राओं से छेड़खानी व मारपीट के मुकदमे में मदरसे की शिक्षिकाओं के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। सीओ बाजार खाला अनिल कुमार यादव ने बताया कि इसके अलावा अन्य कर्मचारियों से भी तहकीकात की जाएगी।

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साथ ही जेल भेजे गए मैनेजर कारी तैय्यब जिया का छात्रा से दुष्कर्म के केस में पुलिस कस्टडी रिमांड लिया जाएगा। दुष्कर्म पीड़िता का सोमवार को डॉक्टरों के पैनल से मेडिकल कराया जाएगा। एसएसपी ने सआदतगंज पुलिस को दुष्कर्म पीड़िता व छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराने वाली पांच छात्राओं के मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
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एएसपी सिटी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मैनेजर कारी तैय्यब जिया को जेल भेजे जाने के बाद दसवीं की छात्रा ने शनिवार को उस पर दुष्कर्म व जानमाल की धमकी का केस दर्ज कराया है। छात्रा का कहना है कि कारी तैय्यब ने तीन साल पहले उसे कमरे में बुलाकर छेड़खानी की और धमकी देकर दुष्कर्म किया था। इसके बाद से आए दिन यौनशोषण कर रहा था। डर के कारण वह किसी को बताने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थी।
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इस मुकदमे में गहन पूछताछ व साक्ष्य संकलन के लिए विवेचक को कारी तैय्यब का पुलिस कस्टडी रिमांड लेने निर्देश दिए गए हैं। एएसपी ने कहा कि मदरसे की पांच नाबालिग छात्राओं ने मैनेजर कारी तैय्यब जिया पर छेड़खानी व मारपीट का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को सआदतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इन आरोपों पर दर्ज हुआ केस

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इसके अलावा मदरसा संस्थापक सैय्यद मोहम्मद जिलानी अशरफ की तहरीर पर कारी तैय्यब के खिलाफ जालसाजी, बंधक बनाकर गालीगलौज, जानमाल की धमकी व 7 क्रिमिनल लॉ अमेडमेंट एक्ट के तहत केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया गया था।

दोनों मुकदमों में आरोपी से पूछताछ, पीड़ित पांच छात्राओं के बयान व डॉक्टरी मुआयना की कार्रवाई के साथ कारी तैय्यब को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया था।

एएसपी ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता का शनिवार को महिला अस्पताल में परीक्षण कराया गया और अब सोमवार को डॉक्टरों के पैनल द्वारा मेडिकल किया जाएगा।

डॉक्टरी मुआयना के बाद पीड़िता को मजिस्ट्रेट के समक्ष ले जाकर कलमबंद बयान दर्ज कराए जाएंगे। तफ्तीश का पर्यवेक्षण कर रहे सीओ बाजार खाला अनिल कुमार यादव ने बताया कि शीलभंग, मारपीट व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने वाली पांच छात्राओं के भी जल्द ही कलमबंद बयान दर्ज कराए जाएंगे।

आपबीती सुना परिवारीजन के साथ गई छात्राएं
सआदतगंज थाने के एसएसआई राजकेसर यादव ने बताया कि मदरसे से मुक्त कराई गई 52 छात्राओं में से सिर्फ छह ने रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ बयान दर्ज कराए। शेष 46 छात्राओं ने पुलिस एवं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की सदस्यों को आपबीती सुनाई लेकिन मैनेजर कारी तैय्यब के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की फिलहाल हिम्मत नहीं जुटा पाई।

11 और छात्राओं को परिवारीजनों को सौंपा, अब तक 40 अपने घर पहुंचीं

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मदरसे से छुड़ाई गईं 52 छात्राओं में से 11 और छात्राओं को रविवार को उनके परिवारीजनों को सौंपा गया। इससे पहले शनिवार को भी 29 छात्राओं को परिवारीजनों को सौंपा गया था। बाल कल्याण समिति के मुताबिक, बाकी बची 12 बच्चियों को मंगलवार तक परिवारीजनों के हवाले कर दिया जाएगा।

प्राग नारायण रोड स्थित राजकीय महिला शरणालय के गेट पर सुबह से ही छात्राओं के परिवारीजन जुट गए थे। यह देख बाल कल्याण समिति अध्यक्ष कुलदीप रंजन व सदस्य के साथ संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। परिवारीजनों से आईडी व फोटो लेकर कागजी कार्रवाई कर छात्राओं को उन्हें सौंपा गया।

इस दौरान लखनऊ समेत बाराबंकी, सीतापुर के अलावा बिहार से आए अभिभावक भी पहुंचे थे। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष कुलदीप रंजन के मुताबिक, सोमवार को भी अगर परिवारीजन आते हैं तो बाकी छात्राओं को उन्हें सौंपा जाएगा। लेकिन जिन बच्चियों का मेडिकल कराया गया है उनको न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद ही सौंपा जाएगा।

प्रबंधक गरीब छात्राओं का उठाता था फायदा

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बाल कल्याण समिति की माने तो मदरसा प्रबंधक के बारे में बच्चियों से की गई बातचीत में साफ हुआ कि प्रबंधक गरीब छात्राओं को निशाना बनाता था। पहले साल 1200 रुपये की फीस के बाद हर साल फीस बढ़ा कर दबाव बनाता और बाद में माफ करने का खेल खेलता।

अब तो मदरसा भेजने का सवाल ही नहीं
महिला शरणालय में अपनी-अपनी बच्चियों को लेने आए परिवारीजनों का साफ कहना था कि अगर उनकी बच्ची इस तरह के आरोप लगाती तो वे उसे मदरसा कतई नहीं भेजते। बच्चियों ने कभी किसी तरह की शिकायत नहीं की। बिहार से आए एक अभिभावक ने कहा कि अब तो मदरसा भेजने का सवाल ही नहीं।

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