सहारा के लिए सुप्रीम कोर्ट में भी बोला गया झूठ?
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सहाराश्री के वकील राम जेठमलानी ने सुप्रीम कोर्ट में ऐसा तर्क रखा था, जो पुलिस की छापेमारी के दौरान झूठा साबित हो गया।
सहारा समूह के मुखिया सुब्रत रॉय की तलाश में बृहस्पतिवार दोपहर लखनऊ के गोमतीनगर थाने की पुलिस टीम ने सहारा शहर में दबिश दी। इंस्पेक्टर अजीत सिंह चौहान के नेतृत्व में सहारा शहर गई पुलिस टीम ने करीब तीन घंटे भीतर बिताए। इस दौरान सहारा शहर के बाहर मीडिया का जमावड़ा लगा रहा।
शाम करीब सवा छह बजे बाहर निकले इंस्पेक्टर ने बताया कि सुब्रत रॉय भीतर नहीं हैं। उन्होंने बताया कि रॉय के खिलाफ बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। वही वारंट लेकर पुलिस सहारा शहर गई थी।
दोपहर करीब सवा तीन बजे महिला कांस्टेबल को साथ लेकर गोमतीनगर थाना की पुलिस सहारा शहर पहुंची थी।
नहीं मिले सहाराश्री, पर मां थीं बीमार
इससे पूर्व दोपहर करीब दो बजे एएसपी ट्रांस गोमती हबीबुल हसन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी वारंट से संबंधित कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए एसएसपी प्रवीण कुमार सिंह से बातचीत की।
माना जा रहा है कि शासन स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद ही पुलिस टीम सहारा शहर भेजने का निर्णय लिया गया।
इंस्पेक्टर अजीत सिंह चौहान ने बताया कि सहारा श्री के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट के अनुपालन में पुलिस टीम सहारा शहर गए थी।
हालांकि, सहारा श्री वहां नहीं मिले। सहारा श्री की मां से भी पुलिस ने मुलाकात की। उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है। डॉक्टरों की एक टीम उनका उपचार कर रही है।
जेठमलानी ने ये बनाया था बहाना
गौरतलब है कि सुब्रत रॉय की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने पीठ को बताया था कि मां की बीमारी की वजह से सहारा श्री व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने में असमर्थ हैं।
हालांकि, पुलिस को सहारा श्री मां के साथ नहीं मिले। इंस्पेक्टर ने बताया कि सहारा श्री के न मिलने पर पुलिस टीम ने करीब तीन घंटे तक सहारा शहर में सर्च अभियान चलाया।
शाम करीब सवा छह बजे पुलिस टीम बाहर निकल आई। इंस्पेक्टर ने बताया कि वारंट के अनुपालन की कार्रवाई थाना की जीडी में दर्ज करा दी गई है।
जारी हो सकता है रेड कॉर्नर नोटिस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सहारा श्री का पासपोर्ट पहले ही जमा है। अब उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस और रेड कार्नर नोटिस जारी किया जा सकता है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि आला अफसरों को पूरी कार्रवाई से अवगत करा दिया गया है। उनके निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की दो कंपनियों को निवेशकों का 20 हजार करोड़ रुपया लौटाने के निर्देश दिए थे जबकि सहारा समूह सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल नहीं कर रहा है।
न ही समूह के मुखिया सुब्रत रॉय कोर्ट के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हो रहे थे। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सुब्रत रॉय के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।