बे'सहारा': पढ़िए, क्यों सख्त हो गई सिक्योरिटी
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कुकरैल गेस्टहाउस में गिरफ्तारी के बाद रखे गए सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के इर्द-गिर्द रविवार सुबह से पुलिस ने सुरक्षा घेरा और बढ़ा दिया।
पुलिस का पूरा जोर मीडिया पर लगाम कसने में रहा। वहीं संडे होने के चलते पिकनिक स्पॉट घूमने पहुंचे सैकड़ों लोगों को एंट्री नहीं मिलने से मायूस होकर लौटना पड़ा।
जैसे-जैसे सुब्रत रॉय को दिल्ली ले जाने का समय पास आता जा रहा है पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है।
सुबह से ही पुलिस ने पिकनिक स्पॉट के मेन गेट पर तैनात दरोगा-सिपाहियों के साथ ही फेज-टू और गेस्टहाउस के पीछे स्थित नाले पर सिपाहियों की तैनाती कर दी।
मीडिया की एंट्री पर लगा दी रोक
मीडिया को दोनों जगह जाने से रोक दिया गया। पुलिस की सख्ती के चलते मेन गेट पर सन्नाटे की स्थिति रही।
सुब्रत रॉय से मिलने के लिए आने वाले वाहनों की पार्किंग भी फेज-टू में ही कराई गई।
मेन गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों के रजिस्टर के मुताबिक संडे को दोपहर करीब तीन बजे तक सहारा प्रमुख से 92 लोगों ने मुलाकात की थी।
सुबह से ही कुकरैल पिकनिक स्पॉट में सैलानियों का आना-जाना शुरू हो गया था। लेकिन गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने किसी को एंट्री नहीं दी।
चौपट हो गया संडे
एक तरह सहारा श्री अपने इसी कमरे में बंद रहे, तो दूसरी तरफ इस पूरे घटनाक्रम से अनजान लोग पिकनिक स्पॉट घूमने पहुंचते रहे। झांसी से परिवार सहित घूमने आए मोबिल ऑयल के व्यापारी सतेंद्र अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को वह सरोजनीनगर में रहने वाले चचेरे भाई के घर पर आयोजित एक समारोह में शामिल होने आए थे।
संडे को पूरा परिवार कार से पिकनिक के मूड में कुकरैल आ गया लेकिन पुलिस ने भीतर नहीं जाने दिया।
यही पीड़ा इंदिरानगर सेक्टर डी निवासी निजी कंपनी में मैनेजर आयुष खुराना की थी। उन्होंने बताया कि कई दिन से बच्चे कुकरैल आने की जिद कर रहे थे। आज पहुंचे तो पता चला वहां सहारा प्रमुख बैठे हुए हैं। हालांकि, हर बार की तरह इस संडे को स्कूली बच्चे यहां नहीं आए।
गिरफ्तारी में कानूनी पेंच तलाश रही पुलिस
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद कुमार की अदालत में शनिवार को अर्जी प्रस्तुत कर गोमती नगर पुलिस ने सुब्रत रॉय की हिरासत के आदेश को दोबारा स्पष्ट करने का आग्रह किया।
साथ ही, चार मार्च को दोपहर दो बजे तक पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने की अनुमति भी मांगी। इस पर अदालत ने पुलिस को फटकार लगाई।
अर्जी निस्तारित करते हुए कहा कि इसका कोई आधार नहीं है। अदालत ने यह भी कहा, दंड प्रक्रिया संहिता में रिव्यू का कोई प्रावधान ही नहीं है।
छावनी बना कुकरैल, आम जनता के लिए ताला
सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के कारण शनिवार को भी पिकनिक स्पॉट आम जनता के लिए बंद रहा था। मेन गेट से लेकर अंदर तक सहारा ग्रुप से जुड़े लोगों का कब्जा रहा।
पुलिसकर्मी सहारा के कर्मचारियों के इशारे पर काम करते रहे। वहीं, गेस्टहाउस में सुब्रत से मिलने वालों का तांता लगा रहा। उनके करीबियों व सहारा समूह के प्रमुख लोगों की देर रात तक पिकनिक स्पॉट पर आवाजाही लगी रही।
सुब्रत रॉय से मिलने वालों का दिनभर तांता लगा रहा। लग्जरी कारों से उनके परिवारवालों के अलावा देश-विदेश से उनके परिचित व करीबी आते रहे। कारों से आने वाले लोगों को सीधे एंट्री दी जाती रही।
पुलिस पर सहारा के रसूख का दबाव?
पुलिस के एक आला अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि रॉय के रसूख के चलते पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में दूसरी अर्जी दाखिल की। इस बाबत एसएसपी प्रवीण कुमार से पूछा गया, तो उनका कहना था कि हमने कानूनी प्रक्रिया के तहत ही अर्जी दाखिल की थी। इसे अन्यथा नहीं लिया जाना चाहिए।
राजधानी पुलिस सुब्रत रॉय को तीन मार्च को दिल्ली ले जाने की तैयारी कर रही है। उन्हें चार मार्च की दोपहर दो बजे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश करना है। चर्चा है कि रॉय को सड़क मार्ग से दिल्ली ले जाया जाएगा।
हालांकि, सीओ गोमतीनगर विद्या सागर मिश्रा ने इस बाबत आला अफसरों की तरफ से कोई निर्देश न मिलने की बात कही है।
सीओ ने कहा कि तीन मार्च को ही सुब्रत रॉय को दिल्ली ले जाने की तैयारी की जा रही है। वह हवाई मार्ग से जाएंगे या सड़क अथवा रेल मार्ग से, यह तय नहीं है।