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पुलिस ने शुरू की आग की घटनाओं से निपटने की तैयारी, डीजीपी ने सौंपी जिम्मेदारी
Tue, 28 May 2019 01:05 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 28 May 2019 01:05 AM IST
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गुजरात के सूरत में चार मंजिला एक व्यवसायिक परिसर में हुई अग्निकांड में 18 छात्रों की मौत से सबक लेते हुए यूपी पुलिस ने ऐसी घटनाओं से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार शाम डीजीपी ओम प्रकाश सिंह और अग्निशमन विभाग के डीजी विश्वजीत महापात्रा ने प्रदेश भर के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस दौरान एडीजी जोन से लेकर सीएफओ तक को जिम्मेदारी दी।
डीजीपी ने आग की घटनाओं से निपटने के लिए पहले से पूरी तैयारी और सभी उपकरणों को दुरुस्त रखने पर जोर दिया। कहा, रिस्पांस टाइम को भी न्यूनतम करें। उन्होंने सभी जोन के एडीजी और रेंज के आईजी व डीआईजी को भी निर्देश दिए कि वह अपने क्षेत्र में व्यवसायिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों से लेकर कोचिंग सेंटर तक चेक करा लें कि वहां फायर सेफ्टी के क्या इंतजाम हैं।
अगर वहां आग से निपटने के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं तो एक निश्चित अवधि देकर उन संसाधनों से लैस कराएं। उन्होंने एडीजी जोन को आग से बचाव के नवीनतम उपकरणों के संबंध में प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। साथ ही सीएफओ अपनेे-अपने क्षेत्रों ‘फायर सेफ्टी नॉम्स’ की जांच करने के भी निर्देश दिए।
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डीजीपी ने आग की घटनाओं से निपटने के लिए पहले से पूरी तैयारी और सभी उपकरणों को दुरुस्त रखने पर जोर दिया। कहा, रिस्पांस टाइम को भी न्यूनतम करें। उन्होंने सभी जोन के एडीजी और रेंज के आईजी व डीआईजी को भी निर्देश दिए कि वह अपने क्षेत्र में व्यवसायिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों से लेकर कोचिंग सेंटर तक चेक करा लें कि वहां फायर सेफ्टी के क्या इंतजाम हैं।
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अगर वहां आग से निपटने के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं तो एक निश्चित अवधि देकर उन संसाधनों से लैस कराएं। उन्होंने एडीजी जोन को आग से बचाव के नवीनतम उपकरणों के संबंध में प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। साथ ही सीएफओ अपनेे-अपने क्षेत्रों ‘फायर सेफ्टी नॉम्स’ की जांच करने के भी निर्देश दिए।
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