मान लिया था बेटे को मरा, पुलिस ढूंढ़कर ले आई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस से जमाना भले ही डरता हो लेकिन प्रतापगढ़ के लालगंज की सीतावती के लिए पुलिस भगवान से कम नहीं है। जिस बेटे को बीते चार साल से मरा समझकर रो-रोकर अकेले जीवन काट रही थी, माल थाना की पुलिस ने उसे ढूंढ़ निकाला।
पूछताछ के बाद लालगंज थाना से संपर्क किया तो पूरा का पूरा गांव माल दौड़ा चला आया। इसके बाद मां-बेटे का मिलन देख सबकी आंखें भर आईं।
सीतावती ने एसओ संजय कुमार को जीभर कर दुआएं दीं। मां-बेटे के मिलन की खुशी में सबका मुंह भी मीठा कराया गया।
एसओ संजय कुमार ने बताया कि सैदपुर गांव में एक युवक के भटकने की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचने तो मैले-कुचैले कपड़ों में एक युवक बेहद दयनीय स्थिति में मिला। कई दिन से भूखे युवक को खाना खिलाया गया।
मानसिक स्थिति ठीक न लगने के चलते गांव में ही आराम की व्यवस्था कराई। इसके बाद समझाबुझाकर घर-परिवार के बारे में पूछा गया। युवक ने अपना नाम शिव कुमार बताया।
...काम की तलाश में गया था दिल्ली
पता चला कि प्रतापगढ़ के लालगंज स्थित दमनपुर गांव का रहने वाला है। जानकारी पर एसओ ने लालगंज पुलिस के सीयूजी नंबर पर कॉल की, पता चला कि युवक की चार साल पहले गुमशुदगी दर्ज है।
एसओ से सूचना पाकर लालगंज पुलिस ने दमनपुर गांव के प्रधान धर्मेंद्र सिंह को शिवकुमार के मिलने की जानकारी दी। प्रधान अपने साथ युवक की मां सीतावती को लेकर माल पहुंचे। कई और ग्रामीण भी साथ आए थे। चार साल से लापता बेटे को मृत मान चुकी मां लाल को सामने देखते ही फफक पड़ीं।
पता चला कि बेटा शिवकुमार ही इकलौता सहारा था। शिवकुमार ने बताया कि काम की तलाश में दिल्ली गया था। करीब दो साल पहले ट्रेन से गांव के लिए निकला था। रास्ते में किसी स्टेशन पर उतरने के बाद रास्ता भटक गया।
इसके बाद से भीख मांगता हुआ भटकने लगा। शिवकुमार का कहना है कि वह यहां कब और कैसे पहुंचा? इसकी जानकारी नहीं है। एसओ ने कहा कि युवक को मां के साथ ही घर भेज दिया गया है।