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झोलाछाप डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग दर्ज कराएगा मुकदमा

Fri, 19 Feb 2021 01:49 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Feb 2021 01:49 AM IST
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Police recommend to close seven private hospitals which are running without registration
राजधानी में बिना मानक पूरे किए चल रहे अस्पतालों और झोलाछाप पर शिकंजा कसेगा। पुलिस ने जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग को ऐसे सात प्राइवेट अस्पताल बंद करने की सिफारिश की है।
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इसके बाद सीएमओ ने सभी सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों से उनके क्षेत्र में चलने वाले अस्पतालों व क्लीनिक का ब्योरा 15 दिन में भेजने के लिए कहा है।
खास बात है कि शासन के निर्देश पर करीब डेढ़ साल पहले स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप पर कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन बाद में इसकी जांच विजिलेंस को सौंपी गई। इसके बाद विजिलेंस से यह जांच स्थानीय पुलिस को दी गई थी।
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सीएमओ कार्यालय से पंजीकृत 1100 से अधिक निजी अस्पताल, क्लीनिक चल रही है। बावजूद इसके कई अस्पताल बिना मानक पूरा किए चल रहे हैं।
पुलिस विभाग ने ऐसे निजी अस्पतालों की गोपनीय ढंग से जांच कराई। इसमें सात में अप्रशिक्षित स्टाफ, डॉक्टर व बायोमेडिकल वेस्ट के सही से निस्तारण न होने समेत तमाम खामियां मिलीं।
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पुलिस महानिदेशक कार्यालय से सीएमओ को पत्र भेजकर अपने स्तर से जांच कर कार्रवाई के लिए कहा है। उधर, पत्र मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
सीएमओ ने अवैध अस्पतालों पर रिपोर्ट दर्ज कराने का भी आदेश दिया है। इसमें पंजीकरण, बायोमेडिकल वेस्ट, ईटीपी-एसटीपी प्लांट समेत अन्य बिंदुओं की भी जांच कराने को कहा है। मानकों के उल्लंघन पर अस्पताल संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
डेढ़ साल पहले चला था अभियान
शासन के निर्देश पर डेढ़ साल पहले स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में क्लीनिक खोलकर बैठे 25 से अधिक झोलाछाप पर कार्रवाई शुरू हुई थी। कई निजी अस्पताल इसकी जद में आए थे। हालांकि, जनप्रतिनिधियों के अड़ंगे के बाद कार्रवाई ठप पड़ गई। इसके बाद डीएम के स्तर से गोपनीय जांच शुरू कराई जाने लगी। मामले की फाइल तैयार हुई, पर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब पुलिस की ओर से शिकंजा कसा जा रहा है।
बिना प्लांट ही अस्पतालों का पंजीकरण
स्वास्थ्य विभाग इन दिनों अस्पतालों के पंजीकरण व नवीनीकरण में खूब खेल कर रहा है। एनजीटी की आपत्ति के बाद भी बिना प्लांट लगाए ही अस्पतालों का पंजीकरण व नवीनीकरण कराया जा रहा है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग पर तमाम आरोप भी लग रहे हैं, जिन पर अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं।

चेक कराया जा रहा है रिकॉर्ड
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि सात अस्पतालों की जांच कराई जा रही है। इनका रिकॉर्ड चेक कराया जा रहा है। पुलिस विभाग से अन्य साक्ष्य भी मांगे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद अस्पतालों को बंद किए जाने की संस्तुति की जाएगी।
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