कुछ इस तरह से बने थे सारा और अमनमणि के बीच रिश्ते
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पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की बहू सारा की मौत के मामले में फीरोजाबाद पुलिस ने 59 सवालों के साथ जांच शुरू कर दी। बृहस्पतिवार दोपहर फीरोजाबाद महिला थाना की प्रभारी मिथिलेश सेंगर और क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अतर सिंह ने गोमतीनगर के विरामखंड स्थित सारा के घर में करीब डेढ़ घंटे तक उसकी मां सीमा सिंह के बयान दर्ज किए।
इस दौरान सीमा सिंह ने अमनमणि पर हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमनमणि उनकी बेटी को घुमाने के बहाने ले गया और निर्दयता से हत्या कर दी। पुलिस ने सीमा से जो प्रश्न पूछे उनका सिलसिलेवार ब्योरा उपलब्ध है।
अमन और सारा कैसे मिले। क्या अमनमणि आपके घर आता था?
इस बारे में मैं बहुत ज्यादा तो नहीं जानती, लेकिन दोनों की मुलाकात फ्रेंड सर्किल से हुई थी। कब और कहां हुई थी, इस बारे में भी कहना मुश्किल है। हां, अमनमणि अक्सर घर जरूर आता-जाता रहता था।
शादी कैसे हुई। क्या रिसेप्शन हुआ था। आप लोग शादी में शामिल हुए थे या नहीं?
शादी का मुझे पता ही नहीं चला। इसलिए रिसेप्शन या परिवार के किसी सदस्य के शामिल होने का भी सवाल नहीं है। एक दिन अमनमणि ने मुझसे पूछा कि वह सारा को घुमाने के लिए ले जाना चाहता है। इस पर मैंने कहा कि क्या तुम सारा के पति हो जो घुमाने ले जाओगे। इस पर अमन ने सारा से पूछा कि क्या फोटो दिखा दूं। तब मुझे शक हुआ कि दोनों ने शादी कर ली है। सारा खामोश रही तो अमन ने कुछ फोटो निकालकर टेबल पर रख दिए। इसमें एक फोटो अमन के सारा की मांग भरते हुए थी।
शादी से कितने दिन पहले से अमनमणि उससे बातचीत कर रहा था?
मुझे नहीं मालूम कि शादी से कितने दिन पहले से अमन और सारा के बीच बातचीत हो रही थी। मुझे तो शादी के बारे में ही काफी बाद में पता चला।
सारा और अमन से झगड़ा होता था?
आपको पता था कि अमनमणि के खिलाफ वारंट है?
हां, मुझे अमनमणि के वारंट के बारे में जानकारी थी। मैंने अमन से कहा भी था कि वह पुलिस थाना जाकर सरेंडर कर दे। मेरी इस बात पर अमन ने कहा था कि कानूनी प्रक्रिया चल रही है। मेरा वकील जल्द मामला शांत करा देगा।
क्या अमन और सारा में झगड़ा होता था। सारा ने कभी पुलिस से झगड़े की शिकायत की?
अमन और सारा के बीच कई बार झगड़ा हुआ। हालांकि,सारा अपने निजी संबंधों को किसी से शेयर नहीं करती थी। उसने मुझे सिर्फ एक बार फोन कर झगड़े और मारपीट की जानकारी दी थी। सारा की मौत के बाद उसके दोस्तों से पता चला कि अमनमणि उसे अक्सर पीटता था। सारा ने वीमेन पावर लाइन 1090 में अमन के खिलाफ शिकायत भी की थी।
क्या सारा उससे तलाक लेना चाहती थी?
मेरी बेटी अमनमणि के स्वभाव और मारपीट की आदत से परेशान हो गई थी। जब बर्दाश्त के बाहर हो गया तो मुझसे तलाक दिलाने के लिए कहा। मैंने उसे समझाकर शांत किया और अमनमणि से बात की। अमनमणि ने सारा को तलाक देने से साफ इन्कार कर दिया। बाद में पता चला कि अमनमणि अक्सर उससे मारपीट करता था। सारा कानूनी कार्रवाई की तैयारी करती तो वह उसे बहला-फुसलाकर मना लेता था।
अमन किसकी कार से सारा को लेकर दिल्ली जा रहा था। वह अपनी कार क्यों नहीं ले गया?
अमनमणि के घर पर कई लग्जरी कारें हैं। वह हमेशा एसयूवी में ही चलता रहा, लेकिन जिस कार से अमनमणि दिल्ली जा रहा था, वह उसके दोस्त की थी। अपने पास कई कार होने के बावजूद अमनमणि ने दोस्त की छोटी कार क्यों मांगी? इसके पीछे भी राज है। वह अपनी कार इसलिए नहीं ले गया, क्योंकि उससे सारा की एक्सीडेंट में हत्या की साजिश कामयाब नहीं हो पाती।
कब देखा आपने सारा का शव सारा का शव पोस्टमार्टम से पहले देखा था या बाद में?
सारा का शव पोस्टमार्टम के बाद देखा। अगर पहले देख लिया होता तो शायद काफी चीजें स्पष्ट हो जातीं। हालांकि, उस वक्त मन में सिर्फ सारा की मौत का दुख था। इसलिए कुछ समझ में नहीं आ रहा था।
बाद में फोटो देखकर पता चला कि सारा के सिर पर चोट थी और गले में निशान। यानी उसका गला दबाया गया था और किसी भारी वस्तु से सिर पर प्रहार किया गया था। चेहरे के दांयी तरफ भी चोटें थीं। निश्चित तौर पर अमनमणि ने मेरी बेटी की कहीं और बेरहमी से हत्या के बाद हादसे में मौत की कहानी गढ़ी है।
मेरी गलती थी दोबारा पोस्टमार्टम न कराना
हादसे के बारे में किसने सूचना दी थी?
एक अजनबी ने मेरे बेटे सिद्धार्थ को फोन कर एक्सीडेंट के बारे में जानकारी दी थी। इसके कुछ देर बाद अमन ने सारा के मोबाइल फोन से मुझे कॉल की। उसने तीन-चार बार फोन किया। पहले एक्सीडेंट के बारे में बताया। मैं कहती रही कि उसे अस्पताल ले जाओ और वेंटीलेटर पर रखो, लेकिन खेल तो पहले ही खत्म हो चुका था।
अमनमणि ने आखिरी कॉल में कहा कि आंटी सारा की सांसें थम गई हैं। जिस अजनबी ने सिद्धार्थ को फोन किया था वह भी अमनमणि का साथी था। वरना उसके पास सिद्धार्थ का नंबर कैसे आया? उसे यह कैसे पता चला कि वह सारा के भाई को फोन कर रहा है?
हत्या का शक था तो उस वक्त एफआईआर क्यों नहीं लिखाई?
मैंने बताया न कि मेरी और मेरे बच्चों की मानसिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि मैं सारा की मौत के पीछे की साजिश पर ध्यान दे सकूं। उस समय तक तो हत्या की बात भी दिमाग में नहीं थी।
दोबारा पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया?
दोबारा पोस्टमार्टम न कराना मेरी सबसे बड़ी गलती थी। श्मशान घाट पर कुछ लोगों ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा भी था। मैं अकेली थी और बेटी का शव देखकर बुरी तरह से टूट चुकी थी। कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करूं? मैं कन्फयूज हो गई थी। इसलिए बेटी का अंतिम संस्कार करा दिया।