फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Police interrogation with accused of 120 crore fraud in AKTU.

120 करोड़ ठगी प्रकरण : एकेटीयू की तरह नोएडा विकास प्राधिकरण से ठगे थे 200 करोड़ रुपये, पूछताछ में कबूला

Sat, 29 Jun 2024 04:24 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 29 Jun 2024 04:24 PM IST
सार

120 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने रिमांड में लिए गए आरोपियों से पूछताछ की। आरोपियों ने नोएडा विकास प्राधिकरण में भी ठगी की बात स्वीकारी है।

विज्ञापन
Police interrogation with accused of 120 crore fraud in AKTU.
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के 120 करोड़ रुपये ठगने वाले आरोपियों ने नोएडा विकास प्राधिकरण में 200 करोड़ रुपये की सेंधमारी की थी। पिछले साल नोएडा विकास प्राधिकरण में फर्जी बैंक अधिकारी बनकर आरोपी वहां जाकर मिला और 200 करोड़ रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर करा लिए थे। यह बात रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों राजेश बाबू, शैलेश रघुवंशी और देवेन्द्र जोशी ने पूछताछ में बताई।

विज्ञापन


शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे साइबर क्राइम थाने की पुलिस तीनों आरोपियों को लखनऊ जेल से लेकर पहुंची। साइबर थाना प्रभारी बृजेश यादव और दो अफसरों ने आरोपियों से पूछताछ की। रात करीब आठ बजे उन्हें मेडिकल परीक्षण कराने के बाद जेल भेज दिया गया। इंस्पेक्टर यादव के मुताबिक राजेश बाबू पिछले साल जुलाई में नोएडा विकास प्राधिकरण के खाते से 200 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के मामले में आरोपी बना था। इसमें उसे और अन्य कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। साइबर थाने की पुलिस ने नोएडा पुलिस से भी जानकारी मांगी है। वहीं नोएडा पुलिस ने भी अपने मामले में राजेश बाबू को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की बात साइबर थाने की पुलिस से कही है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - सीएम योगी ने जारी किए 1056 करोड़, मेधावियों को एक लाख रुपये, टैबलेट और गोल्ड मेडल देकर किया सम्मानित
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - लखनऊ मेट्रो में सफर कर चहक उठे मेधावी, नवाबों के शहर का किया दर्शन


कुकरैल जंगल व वृंदावन कॉलोनी भी ले गई
साइबर क्राइम थाने की पुलिस आरोपी राजेश को कुकरैल जंगल ले गई। राजेश ने बताया था कि उसने अपना मोबाइल जंगल में छुपा दिया था। जंगल पहुंची साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने मोबाइल को इधर-उधर तलाशा पर मोबाइल बरामद नहीं किया जा सका। इसके बाद पुलिस उसे लेकर वृंदावन कालोनी में सरगना अनुराग श्रीवास्तव के घर पहुंची, पर वहां ताला लगा मिला।

पड़ोसियों से पता चला कि अनुराग की प्रेमिका भी यहां रहती थी। इन तीनों से यूनियन बैंक के निलंबित कर्मचारियों और एकेटीयू के अफसर व फाइनेंस कंट्रोलर के बारे में भी जानकारी ली गई। आरोपियों ने भागे हुए आरोपी अनुराग और कपिल के कुछ नए ठिकानों के बारे में जानकारी दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed