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एसपी की गाड़ी चोरी: ढूंढ़ने में लगी थी भारी-भरकम टीम, लेकर लौटे पुर्जा-पुर्जा

Wed, 30 Nov 2016 11:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 30 Nov 2016 11:03 PM IST
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 Police found SP's stolen car.
इस हालत में मिली एसपी की चोरी गई कार - फोटो : amar ujala

यह घटना यूपी पुलिस को आईना दिखाने वाली है। करीब 25 दिन पहले हरदोई एसपी बिना सूचना के मुख्यालय छोड़कर राजधानी आ जाते हैं। हजरतगंज स्थित उनके आवास से सरकारी गाड़ी चोरी हो जाती है। जांच में 7 दरोगा, 11 कॉन्सटेबल और न जाने कितने एटीएस लगे रहते हैं लेकिन अपने ही एसपी की गाड़ी का पता नहीं लगा पाते।

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फजीहत होने लगी तो पुराने अपराधियों की भी मदद ली गई। पता चला कि गाड़ी सरहद पार नेपाल पहुंच गई। पुलिस की एक टीम गाड़ी लेने नेपाल पहुंचती है, पर लौटती है उसके पुर्जे लेकर। लेकिन, पीठ ऐसे थपथपाते हैं मानो कोई जंग जीत ली हो।
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एसपी हरदोई राजीव मल्होत्रा की चोरी गई सरकारी गाड़ी के पुर्जे लेकर पुलिस टीम मंगलवार दोपहर राजधानी लखनऊ पहुंची। एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि गाड़ी की तलाश में जुटी टीम ने बिहार के रक्सौल इलाके में नेपाल सीमा के पास घेराबंदी करके फरार वाहन चोर रामकिशोर रावत को गिरफ्तार किया। उसी ने लखनऊ से गाड़ी चुराई थी।

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50 हजार में बेची थी गाड़ी

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उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वह मिनी ट्रक बरामद किया जिस पर गाड़ी के पुर्जे पुवाल से ढंककर रखे हुए थे। रामकिशोर ने पूछताछ में कुबूला कि उसने एसपी की टाटा सूमो गोल्ड वीरगंज, नेपाल में चोरी की गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करने वाले अफगान खान को 50 हजार में बेची थी। अफगान ने उसे 25 हजार रुपये दे दिए थे। बाकी 25 हजार हफ्ते भर बाद देने को कहा था।

बॉडी से बना दी गई एंबुलेंस
एएसपी क्राइम डॉ. संजय कुमार ने दावा किया कि हत्‍थे चढ़े बदमाश राम किशोर के घर से वायरलेस सेट बरामद किया गया है। नेपाल में गाड़ी की बॉडी से एंबुलेंस बना दी गई और पार्ट्स के लिए ग्राहक तलाशे जा रहे थे। इस मामले में नेपाल के रौतहट गौर जिले की पुलिस ने शनिवार जंगा पंडित, संजय शाह व प्रेम बहादुर पहाड़ी को गिरफ्तार कर एंबुलेंस बरामद कर ली थी।

डुप्लीकेट चाबी से चुराई थी
पुलिस का दावा है कि रामकिशोर ने कुबूला कि डुप्लीकेट चाभी से गाड़ी चुराकर फैजाबाद रोड पर दौड़ा दिया। बस्ती के आगे जाकर आगे की नंबर प्लेट खोली। वायरलेस सेट निकाल लिया। नेपाल सीमा पर गाड़ी अफगान खान को सौंपने के साथ 25 हजार रुपये लिए और वायरलेस लेकर घर लौट आया।

सिपाही के संपर्क में था वाहन चोर

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पकड़े गए अपरा‌धी जानकारी देतीं एसएसपी मंजिल सैनी

एसपी हरदोई की सरकारी गाड़ी की चोरी के खुलासे पर सवाल उठते देख एसएसपी मंजिल सैनी ने पुख्ता सुबूत होने का दावा किया।

उन्होंने कहा कि बदमाश की कॉल डिटेल से नेपाल में चोरी की गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करने वाले बदमाश से बातचीत के बारे में पता चला। साथ ही घटनास्थल से नेपाल सीमा तक की लोकेशन मिली। उसने आईएसडी नंबर से सिपाही से बात की थी। साठगांठ को लेकर सिपाही को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

एसएसपी ने बताया कि जमानत पर छूटे अपराधी की मुखबिरी पर मड़ियांव के श्रीनगर मोहिबुल्लापुर निवासी रामकिशोर रावत के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई। एसपी की गाड़ी चोरी होने से पहले उसे नेपाल से कॉल की गई थी। गाड़ी चोरी होने के साथ उसके मोबाइल की लोकेशन भी हजरतगंज से बाराबंकी, फैजाबाद, बस्ती, गोरखपुर, कुशीनगर होते हुए बिहार के पूर्वी चंपारण क्षेत्र के रक्सौल में नेपाल सीमा तक मिली।

चौंकाने वाली बात यह कि वाहन चोरी में वांछित रामकिशोर रावत गाजीपुर थाने में तैनात कांस्टेबल रूपेंद्र शर्मा से मोबाइल पर संपर्क बनाए था। कांस्टेबल को तलब कर पूछताछ की गई तो उसने माना कि रामकिशोर ने एसपी हरदोई की गाड़ी नेपाल में बेचने की जानकारी दी। इसके बाद रामकिशोर का मोबाइल सर्विलांस पर लेने के साथ करीबियों पर दबाव बनाया गया।

गाड़ी चोरी की पढ़कर हाथ-पांव फूले

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रामकिशोर ने कुबूला कि गाड़ी चुराने के तीसरे दिन अखबार में एसपी हरदोई की गाड़ी चोरी होने की खबर पढ़ी तो घबरा गया। इसके बाद परिचित पुलिस कर्मियों से संपर्क साधा और गाड़ी नेपाल से बरामद कराने की बात कही। खुद को बचा लेने के लिए गिड़गिड़ाया।

नेपाली ने मांगी पांच गुनी कीमत
रामकिशोर ने पुलिस को बताया कि गाड़ी वापस लाने के लिए उसने अफगान खान से संपर्क किया तो उसने ढाई लाख रुपये मांगे। लेकिन रकम का इंतजाम होने तक गाड़ी काटकर ठिकाने लगा दी गई।

सूत्रों का कहना है कि आला अफसरों की सख्त हिदायत पर हरदोई पुलिस शनिवार को रकम लेकर नेपाल पहुंची। इस बीच नेपाल पुलिस गाड़ी की बॉडी से बनी एंबुलेंस के साथ तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर चुकी थी।

पुलिस टीम को इनाम
एसएसपी ने एसपी हरदोई की सरकारी गाड़ी चुराने के आरोपी रामकिशोर की गिरफ्तारी के साथ ही वायरलेस सेट व सौ से अधिक पुर्जे बरामद करने वाली पुलिस टीम ने 20 सदस्यों को पांच हजार रुपये के नगद इनाम की घोषणा की है।

पुराने अपराधी ने दिए थे सुराग
एसएसपी ने बताया कि गाड़ी के साथ वायरलेस जाने से मामला काफी संजीदा था। पुराने वाहन चोरों की तलाश शुरू हुई। जमानत पर छूटे वाहन चोर ने रामकिशोर द्वारा गाड़ी चुराए जाने की आशंका जताई। उसके पुराने मोबाइल नंबर बताए। सर्विलांस से रामकिशोर के नए नंबरों की जानकारी हुई। कॉल डिटेल सामने आते ही तफ्तीश रामकिशोर पर टिक गई।

वाहन चोरों की पहली पसंद नीली बत्ती की टाटा सूमो

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नीली बत्ती लगी टाटा सूमो की नेपाल व बिहार में डिमांड के चलते वाहन चोरों की पहली पसंद है। हजरतगंज इलाके से दस महीने में चार सरकारी गाड़ियां चोरी हुई हैं। यह सभी गैर जिले की थीं। इनमें से दो का अब तक कुछ पता नहीं चला।

एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि नेपाल व बिहार में टाटा सूमो की काफी मांग है। यह गाड़ियां वहां के चोरों की डिमांड पर चोरी की जाती हैं। इन टाटा सूमो को काट कर एंबुलेंस बना दी जाती है।

दस महीने में गंज से चोरी हुई चार टाटा सूमो
11 फरवरी को तिलक मार्ग से खाद्य एवं प्रसंस्करण विभाग की गाड़ी।
12 मार्च को वीआईपी गेस्ट हाउस से गैर जिले की सरकारी टाटा सूमो।
16 मार्च को डालीबाग से होमगार्ड के जिला कमांडेंट की नीली बत्ती लगी गाड़ी।
4 नवंबर को हरदोई एसपी हरदोई की नीली बत्ती और हूटर लगा सरकारी वाहन।

सरहद पार से दो बार बैरंग लौटी थी पुलिस टीम
छह नवंबर को बाराबंकी, फैजाबाद व बस्ती के टोल प्लाजा से गाड़ी को ट्रेस करके पुलिस की दो टीमों ने गोरखपुर से लेकर पूर्वी चंपारण के रक्सौल बॉर्डर पर डेरा जमाया। यहां दलालों से संपर्क करने पर भी कोई सुराग नहीं लगने पर पुलिस टीम बैरंग लौट आई।

इस बीच इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से रामकिशोर रावत संदेह के घेरे में आया। उसकी तलाश में टीम गई, लेकिन सरहद पार बैठा रावत हाथ नहीं आया। इस तरह पुलिस टीम को दोबारा लौटना पड़ा। बाद में एएसपी क्राइम डॉ. संजय कुमार के नेतृत्व में टीम गाड़ी लेने के लिए नेपाल भेजी गई।

गांजा तस्करी में पकड़ी गई होमगार्ड कमांडेंट की गाड़ी
एसएसपी ने बताया कि होमगार्ड कमांडेंट की नीली बत्ती वाली टाटा सूमो को बिहार में बेचा गया था। इससे गांजा की तस्करी की जा रही थी। पटना पुलिस ने अप्रैल में 60 किलो गांजा से लदी गाड़ी पकड़ी थी। जहां से इसे लखनऊ लाया गया लेकिन वाहन चोरों का कोई सुराग नहीं लगा।

कप्तान को चुकानी होगी सरकारी गाड़ी की कीमत

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हजरतगंज इलाके से चोरी गई एसपी हरदोई की वायरलेस-नीलीबत्ती लगी सरकारी गाड़ी के पुर्जे बरामद करके पुलिस ने फजीहत से बचने की कोशिश की है। इसके साथ ही एसपी राजीव मल्होत्रा के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। उन्हें जांच व विभागीय कार्रवाई का सामना करने के साथ ही सरकारी गाड़ी की कीमत भी चुकानी होगी।

एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि पुलिस अफसर को तैनाती स्थल पर सरकारी गाड़ी के निजी इस्तेमाल की छूट है। इसके एवज में वेतन से हर महीने निश्चित कटौती होती है। गाड़ी के रखरखाव का जिम्मा चालक पर रहता है। एसपी हरदोई राजीव मल्होत्रा द्वारा लखनऊ में रह रहे परिवारीजनों को सरकारी गाड़ी उपलब्ध कराए जाने को एसएसपी ने नियम विरुद्ध माना, लेकिन उच्चाधिकारियों द्वारा जांच की बात कहकर इसे टाल दिया।

किसी सरकारी वस्तु के क्षतिग्रस्त अथवा चोरी होने के सवाल पर एसएसपी ने कहा कि संबंधित व्यक्ति के वेतन से कीमत वसूलने का नियम है। राजीव मल्होत्रा से सरकारी गाड़ी की कीमत वसूले जाने का सवाल उन्होंने उच्चाधिकारियों पर टाल दिया।

सूत्रों ने जानकारी दी है कि क्राइम ब्रांच की टीम ने वाहन चालक  समेत कई पुलिसकर्मियों व एसपी हरदोई राजीव मल्होत्रा के परिवारीजनों से तहकीकात की।
पता चला कि एसपी राजीव मल्होत्रा ने वायरलेस, नीलीबत्ती व हूटर लगी सरकारी टाटा सूमो गोल्ड अपनी पत्नी को सौंप रखी थी। गाड़ी शालीमार इंपीरियल की पार्किंग में खड़ी की जाती थी।

हरदोई पुलिस को गाड़ी के सही सलामत मिलने की उम्मीद थी। ऐसी दशा में एसपी राजीव मल्होत्रा को विभागीय जांच का सामना करना पड़ता लेकिन गाड़ी के सिर्फ पार्ट्स बरामद हुए। अफसरों का कहना है कि ऐसी दशा में राजीव मल्होत्रा को गाड़ी की कीमत चुकानी पड़ सकती है।

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