चोरी के केस में दो साल के मासूम को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस
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पुलिस का संवेदनहीन चेहरा एक बार फिर सामने आया जब उसने दो साल के मासूम पर चोरी का केस दर्ज कर दिया। इतना ही नहीं, उसकी गिरफ्तारी के लिए घर पर दबिश भी दी।
घबराया पिता मंगलवार को उसे लेकर जिला मुख्यालय पहुंचा और कोर्ट में मासूम को हाजिर करने की कवायद शुरू की, लेकिन किन्हीं कारणों से हाजिर न हो पाने पर उसने पुलिस अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई। अब पुलिस का दावा है कि मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच पूरी होते ही मासूम का नाम हटा दिया गया था।
सदरपुर पुलिस ने बिजेहरा के अमित कुमार की तहरीर पर 20 सितंबर को चोरी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बिना जांच पड़ताल किए दो साल के मासूम रवि को मुल्जिम बना दिया।
दरअसल, अमित व कई अन्य ग्रामीणों ने मरखापुर निवासी भारत को चोरी करते समय दबोच लिया था। आरोपी से पूछताछ के बाद उसी गांव के बृजलाल व रवि और शिवपुर निवासी कलवा को नामजद कर दिया गया, लेकिन पुलिस ने कोई जांच नहीं की।
न्यायालय में पेश करने के लिए ले गए मासूम को
मुकदमा दर्ज करने के बाद रवि, बृजलाल व कलवा की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जाने लगी। पुलिस ने बृजलाल को गिरफ्तार भी कर लिया। वहीं जब मरखापुर के उदयराज के घर उसके दो साल के बेटे रवि को गिरफ्तार करने पुलिस पहुंची तो घर वालों के होश उड़ गए।
जिसके बाद उदयराज ने पुलिस के अन्य अफसरों से संपर्क कर बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन कोई बात नहीं बनी। इस पर मंगलवार को वह न्यायालय में बेटे को हाजिर करने पहुंचा।
उदयराज के अधिवक्ता शिवेंद्र ने बताया कि किन्हीं कारणों वश मासूम को न्यायालय में पेश नहीं किया जा सका, लेकिन पुलिस अधिकारियों से पूरी बात बता दी गई है।
एसओ शिव गोपाल सिंह का कहना है कि चोरी के आरोप में पकड़े गए व्यक्ति ने जिन लोगों के नाम बताए थे, ग्रामीणों ने उन्हीं के खिलाफ तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया था। लेकिन जब जांच हुई तो पता चला कि रवि दो साल का एक बच्चा है। इसके बाद उसका नाम हटा दिया गया।