तीस साल से बना बैठा था साधु सामने आया चौंकाने वाला राज
- शंकर दयाल ने वर्ष 1986 में मोहल्ले के ही मनोहर को मार दिया था चाकू
- घायल मनोहर की छह महीने बाद हो गई थी मौत
- सेशन कोर्ट ने शंकर दयाल को सुनाई थी सात साल की सजा
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साधु बनकर 30 साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंकने वाले शंकर दयाल को शुक्रवार रात वजीरगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पांडेगंज निवासी शंकर दयाल ने वर्ष 1986 में मोहल्ले के ही मनोहर से झगड़े के बाद उसे चाकू मार दिया था।
शंकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई तो वह अपनी संपत्ति बेचकर परिवार सहित गायब हो गया। वजीरगंज कोतवाली के दरोगा राजेश सिंह को मुखबिर से खबर मिली कि शंकर दयाल साधु बन गया है और वर्तमान में ठाकुरगंज की नैपियर रोड कालोनी में ठिकाना बना लिया है।
दबिश देकर उसे दबोच लिया गया। पुलिस ने बताया कि चाकू के हमले में घायल मनोहर की छह महीने बाद मौत हो गई थी। हमले के वक्त उसके परिवारीजनों ने शंकर दयाल के खिलाफ हत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज कराई थी।
भगवा वस्त्र पहनकर करता था पूजा पाठ
सेशन कोर्ट ने शंकर दयाल को सात साल की सजा सुनाई, लेकिन उसने हाईकोर्ट से जमानत ले ली। इसके बाद वह पांडेगंज में अपनी संपत्ति बेचकर गायब हो गया।
हाईकोर्ट से लगातार वारंट जारी हो रहे थे और पुलिस शंकर दयाल का कुछ पता नहीं लगा पा रही थी। बीते दिनों मुखबिर से सूचना मिली कि शंकर दयाल नैपियर रोड कालोनी में बाबा रामशंकर के नाम से रह रहा है।
कानून के शिकंजे से बचने के लिए उसने अपना नाम और पहचान दोनों बदल दी है। अब वह इलाके का प्रतिष्ठित साधु बनकर बैठा है और भगवा वस्त्र पहनकर पूजा-पाठ करता था। उसके घर पर भक्तों की भीड़ जुटती थी। पुलिस आरोपी शंकर को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।