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Lucknow News: पोलार्स बिल्डर पर दो करोड़ का बकाया, बिल्डिंग सील
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लखनऊ। डिफाल्टर बिल्डरों पर प्रशासन की कार्रवाई जारी है। अब पोलार्स इंफ्राडेवलपर्स की बिल्डिंग सील की गई है। बिल्डर पर दो करोड़ 51 हजार रुपये का बकाया है। आरसी जारी होने के बाद भी बिल्डर ने रकम जमा नहीं की थी।
शहर में करीब 75 ऐसे बिल्डर हैं, जिनसे प्रशासन को वसूली करनी है। आरसी जारी हो चुकी है, लेकिन ये लोग रकम जमा नहीं कर रहे हैं। प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि पोलार्स बिल्डर की भी आरसी लंबे समय पहले जारी हुई थी, लेकिन रकम नहीं जमा की। इसलिए बिल्डिंग सील कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक सीलिंग की कार्रवाई होते ही कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी प्रशासनिक अफसरों के दफ्तर में चक्कर लगाने लगे हैं।
एलडीए और आवास विकास भी है बकाया
प्रशासन ने जो वसूली की सूची जारी की है, उसमें एलडीए और आवास विकास भी शामिल है। एलडीए का 9.56 करोड़ और आवास विकास का 2.68 करोड़ रुपये बकाया है। तुलसियानी बिल्डर का 61 करोड़, पार्थ का 11 करोड़, सहारा प्राइम सिटी का नौ करोड़, वसुधंरा का 3.47 करोड़ रुपये बकाया है। सूची में और भी कई बकाएदार बिल्डर हैं।
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शहर में करीब 75 ऐसे बिल्डर हैं, जिनसे प्रशासन को वसूली करनी है। आरसी जारी हो चुकी है, लेकिन ये लोग रकम जमा नहीं कर रहे हैं। प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि पोलार्स बिल्डर की भी आरसी लंबे समय पहले जारी हुई थी, लेकिन रकम नहीं जमा की। इसलिए बिल्डिंग सील कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक सीलिंग की कार्रवाई होते ही कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी प्रशासनिक अफसरों के दफ्तर में चक्कर लगाने लगे हैं।
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एलडीए और आवास विकास भी है बकाया
प्रशासन ने जो वसूली की सूची जारी की है, उसमें एलडीए और आवास विकास भी शामिल है। एलडीए का 9.56 करोड़ और आवास विकास का 2.68 करोड़ रुपये बकाया है। तुलसियानी बिल्डर का 61 करोड़, पार्थ का 11 करोड़, सहारा प्राइम सिटी का नौ करोड़, वसुधंरा का 3.47 करोड़ रुपये बकाया है। सूची में और भी कई बकाएदार बिल्डर हैं।
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