फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   pneumonia is hazardous for kids.

ALERT: बच्चों के लिए जानलेवा है निमोनिया

Tue, 04 Nov 2014 01:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 04 Nov 2014 01:44 PM IST
विज्ञापन
pneumonia is hazardous for kids.

प्रदेश में हर घंटे निमोनिया से 12 बच्चों की मौत हो जाती हैं। यह आंकड़ा दिन भर में करीब 300 पहुंच जाता है। यह चौंकाने वाला खुलासा केजीएमयू की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शैली अवस्थी और बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की शोध रिपोर्ट में हुआ है।

विज्ञापन


शोध में सामने आया है कि निमोनिया से मरने वाले बच्चों में अधिकतर पांच साल की उम्र से कम के होते हैं। परिवारीजन बीमारी के लक्षणों को पहचान नहीं पाते हैं। वे अपने हिसाब से इलाज करते रहते हैं, इससे सही समय पर सही इलाज नहीं मिलने से स्थिति गंभीर हो जाती है।
विज्ञापन


राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के सभागार में सोमवार को ‘इम्प्रूविंग हाउसहोल्ड डिसिजन मेकिंग फॉर मैनेजमेंट ऑफ पीडियाट्रिक निमोनिया इन उत्तर प्रदेश’ विषय पर एजेंडा बैठक हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें डॉ. शैली अवस्थी ने बताया कि प्रदेश के पांच जिले लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, महोबा, मेरठ और बिहार के दरभंगा और गया से आंकड़े जुटाए गए।

ग्रामीण आबादी में जागरूकता की कमी

pneumonia is hazardous for kids.

इनमें बच्चों की मौत का प्रमुख कारण निमोनिया पाया गया। उन्होंने बताया कि देश में हर साल 18.4 लाख बच्चे पांच साल से कम उम्र में दम तोड़ देते हैं।

उनमें 27 फीसदी उत्तर प्रदेश के होते हैं। इनमें से 17 फीसदी की मौत निमोनिया से होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों की आधी आबादी को निमोनिया के लक्षण ही नहीं पता हैं।

कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में पहुंचे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त मिशन निदेशक प्रमोद पांडे ने बताया कि बच्चों की मौत का आंकड़ा कम करने के लगातार प्रयास हो रहे हैं।

जरूरत पड़ने पर शोध में शामिल डॉक्टरों की मदद भी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जीतेंगे हम, हारेगा निमोनिया अभियान चलाने की मांग की गई। इस मौके पर डॉ. एके मिश्रा, डॉ. मोनिका अग्रवाल समेत अन्य चिकित्सक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

डॉ. शैली अवस्थी बताती हैं कि पांच साल से कम उम्र का हर दूसरा बच्चा निमोनिया का शिकार होता है। 80 फीसदी बच्चे दो वर्ष से कम उम्र के होते हैं।

समय रहते पहचानें लक्षण

pneumonia is hazardous for kids.

सांस लेने में दिक्कत और शरीर के भीतरी हिस्से में संक्रमण के चलते बच्चे को निमोनिया के साथ चेस्ट और लीवर इंफेक्शन का भी खतरा रहता है।

बुजुर्गों की मंजूरी के बाद इलाज रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि निमोनिया होने के बाद बच्चे का इलाज अक्सर घर के बुजुर्ग की मंजूरी के बाद ही शुरू होता है।

कई परिस्थितियों में दवा शुरू होने के कुछ दिन बाद बुजुर्गों के कहने पर माता-पिता बच्चे को दवा देने से मना कर देते हैं। नेशनल हेल्थ मिशन के अतिरिक्त मिशन निदेशक ने http:fightpneumonia.org वेबसाइट लॉन्च किया।

केजीएमयू के प्रो. जेवी सिंह ने बताया कि इस वेबसाइट के
जरिये निमोनिया के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए चार डॉक्यूमेंट्री फिल्में, पांच ऑडियो इंफॉर्मेशन और पिक्चराइज्ड इंफॉर्मेशन अपलोड की गई हैं।

इससे आसानी से निमोनिया के खतरे और उससे बचाव के लक्षणों को समझ सकता है

...तो हो जाएं सचेत

छाती धंस जाना, सांस और पसलियां तेज चलना, सांस के साथ आवाज आना, सुस्ती आना, सांस के लिए मुंह खोलना और नाक का बंद होना आदि।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed