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लखनऊ: पीएनबी अफसरों पर 14 करोड़ हड़पने का केस, फर्जी दस्तावेज तैयार कर एमएसएमई कंपनी के खाते में कराया लोन

Sat, 02 Apr 2022 11:05 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 02 Apr 2022 11:05 PM IST
सार

पीड़ित के मुताबिक, अवैध तरीके से खोले गए खाते में जाली हस्ताक्षर के जरिये सौ से अधिक बार खाते से लेनदेन दिखाया गया। इन लेनदेन के जरिए करीब 14 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन दिखाया गया।

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PNB officers grabe 14 crores on fake documents and got loan made in the account of MSME company
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

फर्जी दस्तावेज तैयार कर 14 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह रकम एमएसएमई कंपनी के खाते में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन के जरिये हासिल की गई। इस घपले को छिपाने के लिए बैंक अधिकारियों ने फर्जी कागजों के सहारे कारोबारी व पुलिस को भी गुमराह करने की कोशिश की। पीड़ित कारोबारी ने गोमतीनगर थाने में पांच बैंक अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। वहीं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में भी इन अधिकारियाें के खिलाफ शिकायत की है। पुलिस जांच कर रही है।

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प्रभारी निरीक्षक गोमतनीगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, विश्वासखंड-2 में प्रियांक श्रीवास्तव रहते हैं। प्रियांक के मुताबिक, उन्होंने एमएसएमई के तहत एक इलेक्ट्रिकल उत्पाद की कंपनी खोली है। प्रियांक की कंपनी का खाता पीएनबी गोमतीनगर में है। प्रियांक के मुताबिक, पीएनबी के अधिकारी तरुण दास, पवन सिंह, शम्मी भसीन, हरीश जुनेजा और पुनीत मिश्रा ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक एमएसएमई कंपनी का खाता खोला था जिसमें प्रियांक को खाताधारक दिखाया। प्रियांक के मुताबिक, उन्होंने कोई दूसरा खाता नहीं खोला था।

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निजी ऑडिट एजेंसी की जांच में हुआ खुलासा

प्रियांक के मुताबिक, बैंककर्मियों ने मिलीभगत कर उनके नाम से खोले गए खाते को एनपीए करार दे दिया था जिसके बाद उन्हें फर्जीवाडे़ का पता चला। सच्चाई सामने आने पर प्रियांक ने बैंक अधिकारियों से दस्तावेज मांगे जो उन्हें नहीं दिए गए थे। आरटीआई लगाने पर अधूरे दस्तावेज सौंपे गए जिनकी जांच प्रियांक ने निजी ऑडिट एजेंसी से कराई थी। एजेंसी की रिपोर्ट में भी बैंक की खामी सामने आई थी। इसे आधार बनाते हुए प्रियांक ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में शिकायत करते हुए पीएनबी बैंक मैनेजर और अधिकारियों के पास मौजूद दस्तावेज दिलाने के लिए कहा था लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

कारोबारी व पुलिस को किया गुमराह
बैंक के अधिकारियों का फर्जीवाड़ा सामने आया तो बचने का कोई रास्ता नहीं दिखा। इसके बाद बैंक के आरोपी अधिकारियों ने कारोबारी को गुमराह करने के लिए पहले तो दस्तावेज के रिकॉर्ड नहीं उपलब्ध कराए। इसके बाद दबाव बना तो जो दस्तावेज दिए वे भी अधूरे दिए। वहीं पुलिस ने भी अपनी शुरुआती जांच के लिए बैंक अधिकारियों से दस्तावेज मांगे तो उनको भी गुमराह किया। प्रियांक के मुताबिक, बैंक अधिकारियों ने फर्जी अकाउंट खोलने के बाद उसे एनपीए करार दिए जाने की वजह से प्रियांक को लोन हासिल करने में दिक्कत आने लगी। प्रियांक के अनुसार, बैंक कर्मियों ने मिलीभगत कर फर्जी अकाउंट का संचालन भी खुद ही किया था। 

पीड़ित के अनुसार, 14 करोड़ रुपये का हेरफेर होने की बात पता चलने पर उन्होंने डीसीपी पूर्वी अमित आनंद से मुलाकात कर जानकारी दी थी। उनके निर्देश पर गोमतीनगर थाने में बैंक अधिकारियों तरुण दास, पवन सिंह, शम्मी भसीन, हरीश जुनेजा और पुनित मिश्रा के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, साजिश रचने, अमानत में ख्यानत करने सहित कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक केशव कुमार तिवारी के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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