खुशखबरीः 65 वर्ष वाले डॉक्टर पा सकते हैं दोबारा नियुक्ति
प्रांतीय चिकित्सा सेवा (पीएमएस) संवर्ग के विशेषज्ञ डॉक्टरों को दोबारा नियुक्ति के लिए रिटायरमेंट के दो महीने पहले आवेदन करना होगा। वहीं, सरकार विशेषज्ञ डॉक्टरों को 65 वर्ष की उम्र तक दोबारा नियुक्त करने की तैयारी में है।
यह फैसला विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए लिया है। इससे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को विशेषज्ञ डॉक्टर मिल सकेंगे। इसके लिए निर्धारित प्रोफार्मा पर डॉक्टरों को आवेदन करना होगा।
दरअसल, विशेषज्ञ चिकित्सकों की दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया में काफी विलंब हो जाता है। इससे अस्पतालों को विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिल पाते हैं। इसी प्रक्रिया को सुधारने के लिए सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों को रिटायरमेंट के दो महीने पहले दोबारा नियुक्ति के लिए आवेदन करवाने का निर्णय लिया है।
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं ने सभी अपर निदेशकों को इसके औपचारिक आदेश भेज दिए हैं। इसमें कहा गया है कि जो भी डॉक्टर रिटायर हो रहे हैं, उन्हें पहले ही दोबारा नियुक्ति के लिए आवेदन करवाएं।
सरकार दे रही है अधिक वेतन का लालच
साथ ही मंडल में खाली पदों पर दोबारा नियुक्ति के लिए रिक्त पदों की सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाने का निर्देश दिया गया है। प्रदेश सरकार विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए उनको अधिक वेतन का भी लालच देने जा रही है।
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार ने बताया कि अभी तक संविदा पर तैनात विशेषज्ञ डॉक्टरों को 60 से 70 हजार रुपये प्रति माह तनख्वाह दिया जाता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है।
इनकी नियुक्ति नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत की जाती है। एनएचएम के तहत सूबे के विभिन्न अस्पतालों में करीब 34 हजार संविदा पर डॉक्टर व अन्य स्टाफ नियुक्त किया गया है।