{"_id":"6034c0ef8ebc3ee9243f0a18","slug":"pmo-will-help-mohammad-sharif-of-ayodhya","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री कार्यालय ने दिलाया शरीफ चाचा को मदद का भरोसा, जल्द मिलेगा घर व पेंशन की सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानमंत्री कार्यालय ने दिलाया शरीफ चाचा को मदद का भरोसा, जल्द मिलेगा घर व पेंशन की सुविधा
Tue, 23 Feb 2021 02:16 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 23 Feb 2021 02:16 PM IST
विज्ञापन
मो. शरीफ
- फोटो : amar ujala
पद्मश्री के लिए नामित लावारिस लाशों के वारिस मोहम्मद शरीफ की मदद के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय ने भरोसा दिलाया है। पीएमओ से आश्वासन दिया गया है कि उनके लिए जल्द ही घर व पेंशन का इंतजाम किया जाएगा।
विज्ञापन
भाजपा के मीडिया प्रभारी डॉ. रजनीश सिंह ने पीएमओ को फोन कर मामले की जानकारी दी। डॉ. रजनीश के मुताबिक मदद के इंतजाम जल्द ही किए जाएंगे।
वहीं, मोहम्मद शरीफ की हालत अभी स्थिर है। उन्हें आगे की जांच के लिए जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने लखनऊ रेफर किया जिसके बाद परिजन उन्हें लेकर घर चले आए। अब उन्हें जिला प्रशासन व स्थानीय सांसद के रहमो करम का इंतजार है। कहा जा रहा है कि अयोध्या के किसी प्राइवेट हार्ट केयर सेंटर में उनका इलाज शुरू करवाया जाएगा। बता दें कि पद्मश्री के लिए नामित होने के बावजूद देश में कोरोना के चलते अब तक उन्हें यह अवार्ड नहीं मिल सका है।
विज्ञापन
पद्मश्री मोहम्मद शरीफ की उम्र इस समय 85 साल है। वह लगभग 28 वर्षों से लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करने के लिए जाने जाते हैं। यह बीड़ा उन्होंने अपने बड़े बेटे मोहम्मद रईस की हादसे में 28 वर्ष पहले मौत के बाद उठाया था। उनके बेटे के शव का अंतिम संस्कार पुलिस ने लावारिस जान कर दिया था। उसके बाद से शरीफ चाचा हर लावारिस लाश का अंतिम संस्कार उसके धर्म के अनुसार करते चले आ रहे हैं। इनके इस सामाजिक जीवन को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने वर्ष 2019 में पद्मश्री एवार्ड देने की घोषणा की थी लेकिन वर्ष 2020 में कोरोना काल की वजह से इनको पद्मश्री का अवार्ड नहीं मिल सका।
विज्ञापन