मोदी ने लगाई फटकार, सांसद के होश आए ठिकाने
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मोदी की नसीहत को ताक पर रखकर अपने पिता को सांसद प्रतिनिधि बनाने वाली सांसद ने अब कहा है कि वह संगठन से विचार विमर्श करके ही निर्णय लेंगी।
बाराबंकी की सांसद प्रियंका रावत ने अपने पिता उत्तमराम सिंह को ही अपना सांसद प्रतिनिधि बना दिया था। अमर उजाला में 27 मई के अंक में खबर प्रकाशित हुई थी।
मामला ऐसा तूल पकड़ा कि पीएमओ तक पहुंच गया। सांसद प्रियंका रावत रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र में थीं। बताया जाता है कि इसी बीच पीएमओ से उन्हें फोन पर फटकार मिली और आगे के लिए नसीहत भी दी गई।
इसी के बाद उत्तमराम को सांसद प्रतिनिधि पद से हटाए जाने का निर्णय ले लिया गया। सांसद ने कहा कि उत्तमराम को सांसद प्रतिनिधि पद से हटा दिया गया है। अब संगठन से विचार विमर्श करके उसी के अनुसार ही प्रतिनिधि बनाए जाएंगे।
सांसद ने पिता को बनाया था प्रतिनिधि
जिले की नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका रावत ने अपने पिता को ही लोकसभा क्षेत्र का मुख्य सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया था।
26 मई को सांसद प्रियंका ने उत्तमराम को अपना प्रतिनिधि नियुक्त करते हुए उनको सांसद निधि, विकास व समस्त शासकीय कार्य करने की जिम्मेदारी भी सौंपी थी।
सांसद ने डीएम, एसपी व समस्त पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को इस आशय का पत्र भी भेजा था।
अगले ही दिन अमर उजाला में सांसद प्रियंका ने पिता को ही बनाया प्रतिनिधि शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद मामला तूल पकड़ गया और बात पीएमओ तक पहुंची।
पीएमओ से आया फोन
रविवार को सीधे पीएमओ से सांसद प्रियंका के पास फोन आया। सांसद प्रियंका उस समय जैदपुर क्षेत्र में एक स्वागत समारोह में थीं।
बताते हैं कि पीएमओ से सांसद प्रियंका को सख्त नसीहत देते हुए उत्तमराम को सांसद प्रतिनिधि पद से हटाए जाने का निर्देश दिया गया।
सांसद प्रियंका ने अमर उजाला को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्पष्ट निर्देश है कि परिवार का कोई भी सदस्य प्रतिनिधि या निजी स्टाफ में नहीं रखा जाएगा।
इसका सम्मान करते हुए पिता उत्तमराम जी को प्रतिनिधि पद से हटा दिया गया है। अब संगठन से विचार विमर्श कर किसी अन्य को प्रतिनिधि बनाया जाएगा।
प्रतिनिधि बनाना विशेषाधिकार
दूसरी तरफ भाजपा जिलाध्यक्ष शरद अवस्थी से बात की कई तो उन्होंने कहा कि अपना प्रतिनिधि बनाना सांसद का विशेषाधिकार होता है।
सांसद संगठन से विचार विमर्श कर प्रतिनिधि बनाना चाहेंगी तो यह संगठन के लिए भी अच्छी बात होगी।
यह पूछे जाने पर कि उत्तमराम को अपना प्रतिनिधि बनाते समय सांसद ने विचार विमर्श किया था कि नहीं तो जिलाध्यक्ष ने फिर दोहराया कि अपना प्रतिनिधि बनाना सांसद का विशेषाधिकार है इसलिए इस मामले में हमारी तरफ से कोई हस्तक्षेप तब नहीं किया गया था।
वहीं दूसरी तरफ सांसद प्रियंका के पिता उत्तमराम ने बताया कि पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद इस मामले का पटाक्षेप हो गया है अब मैं प्रतिनिधि नहीं हूं।