फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   PM will be caught ineligible for residence with the help of AI

Lucknow News: एआई की मदद से पकड़े जाएंगे पीएम आवास के अपात्र

Sun, 26 Jan 2025 12:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Sun, 26 Jan 2025 12:58 AM IST
विज्ञापन
PM will be caught ineligible for residence with the help of AI
रायबरेली। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जोड़-तोड़ से आवास पाने वाले अपात्रों पर अब सख्ती से शिकंजा कसेगा। अपात्रों को पकड़ने के लिए प्रशासन अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी (एआई) की मदद लेगा। इसके तहत योजना से जुड़े पात्रों का सर्वे कार्य पूरा हो जाने के बाद इनका सत्यापन एआई तकनीक की मदद से करते हुए अपात्रों को चिह्नित कर पात्रता सूची से बाहर कर योजना का लाभ पाने से रोका जाएगा।
विज्ञापन


आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी (एआई) तकनीकी के प्रयोग से इस बात का पता भी चल जाएगा कि सूची में शामिल कोई व्यक्ति इससे पहले किसी बड़ी सरकारी योजना का लाभ तो नहीं उठा चुका है। इससे सिर्फ वास्तविक पात्र लाभार्थियों को ही आवास का लाभ मिल सकेगा।जिले में अब तक 6667 लोगों को प्रधानमंत्री आवास के लिए चिन्हित किया गया है। वहीं पात्रता सूची तैयार करने लिए वर्तमान समय में सर्वे का काम चल रहा है। इसमें मानकों में सहूलियतें देने के साथ ही नए पात्रों को चिन्हित किया जा रहा है।
विज्ञापन


गांवों में पहुंचकर टीमें पात्रों के चयन का काम कर रही हैं। सर्वे का काम पूरा होने के बाद पात्रता की अंतिम सूची बनेगी। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद एआई तकनीक की मदद से प्राप्त डाटा व कागजी दस्तावेजों को प्रमाणित करने के बाद ही वास्तविक पात्रों को आवास योजना का फायदा मुहैया कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई स्तरीय सर्वे के बाद तय होंगे पात्र
एआई के इस्तेमाल के बाद तैयार सूची का फिर से भौतिक सत्यापन कराने के लिए ग्राम पंचायत की खुली बैठक भी आयोजित होगी। इससे असंतुष्ट रहने वालों के लिए अपील की व्यवस्था भी की गई है। अपील समिति का जो निर्णय होगा वही अंतिम व मान्य होगा।

अपात्रों से हो रही वसूली
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूर्व में अपात्रों को खूब आवास दिए गए। शिकायत के बाद हुई जांच में गड़बड़ी साबित होने पर अब डिफाल्टरों से वसूली की प्रक्रिया चल रही है। 300 अपात्रों से वसूली होनी बाकी है।



प्रधानमंत्री आवास के लिए सर्वे का काम अंतिम दौर में है। सर्वे के बाद एआई तकनीक के माध्यम से लाभार्थियों के आधार व अन्य अभिलेखों की जांच कर पात्रों की अंतिम सूची तैयार होगी। ताकि वास्तविक आवासहीनों को आवास की सुविधा मिल सके।
सतीश प्रसाद मिश्रा, प्रभारी सीडीओ/ पीडी डीआरडीए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed