{"_id":"5c7d1975bdec22739b06ba22","slug":"pm-prepares-political-ground-in-amethi-for-smriti-irani","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पीएम ने स्मृति के लिए अमेठी में तैयार की चुनावी जमीन, जनता को दिखाए बेहतरी के सपने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम ने स्मृति के लिए अमेठी में तैयार की चुनावी जमीन, जनता को दिखाए बेहतरी के सपने
Mon, 04 Mar 2019 05:56 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 04 Mar 2019 05:56 PM IST
विज्ञापन
अमेठी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेठी दौरे से कांग्रेस के इस गढ़ में स्मृति ईरानी के लिए चुनावी जमीन तैयार कर गए। उन्होंने अमेठी की जनता को गांधी-नेहरू परिवार की परंपरागत पहचान से पीछा छुड़ाने का संदेश दिया। अमेठी की बदहाली व उपेक्षा के बहाने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को घेरने में कसर नहीं छोड़ी। उन पर वादाखिलाफी और झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए स्मृति की सराहना की। इशारों ही इशारों में यह कहते हुए स्मृति के जीतने का भरोसा जताया कि आने वाले समय में अमेठी का इतिहास बदलने जा रहा है।
2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट पर स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को अच्छी टक्कर दी थी। भाजपा की रणनीति राहुल को उन्हीं के गढ़ में घेरने की है। इसके लिए स्मृति साढ़े चार सालों से अमेठी में न केवल सक्रिय रही हैं बल्कि लोगों से किसी न किसी माध्यम से जुड़ी रही हैं। इस बीच प्रदेश की सियासत में दो बड़े बदलाव हुए हैं। सपा-बसपा का गठबंधन और प्रियंका की सक्रिय राजनीति में एंट्री।
अमेठी सीट पर सपा-बसपा ने कांग्रेस का समर्थन किया है। ऐसे में स्मृति ईरानी ने चुनाव से पहले ही अमेठी में मोदी की सभा कराकर माहौल को अपने पक्ष में करने की कोशिश की है। इस सभा में मोदी का भाषण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय के बजाय स्थानीय मुद्दों पर ही केंद्रित रहा। उन्होंने एयर स्ट्राइक के बाद पैदा हुए माहौल को कांग्रेस व राहुल के खिलाफ मोड़ने की कोशिश की।
विज्ञापन
राइफल फैक्ट्री चलाने में देरी, तोपों व राफेल विमान सौदों को लटकाने के लिए उन्होंने राहुल व कांग्रेस की घेराबंदी की। राफेल सौदे में दलाली न मिलने पर उसे ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने साबित करने की कोशिश की कि जिस तरह कांग्रेस सरकारों में देश की सुरक्षा से खिलवाड़ होता है, उसी तरह कांग्रेस अमेठी की भी उपेक्षा करती है।
कई स्थानीय उदाहरणों से लोगों को समझाने की कोशिश की कि अब राहुल-सोनिया के प्रभाव से मुक्त होने का वक्त आ गया है। इसीलिए कहा कि अमेठी की पहचान गांधी-नेहरू के बजाय एके-203 राइफल से होगी।
विज्ञापन
2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट पर स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को अच्छी टक्कर दी थी। भाजपा की रणनीति राहुल को उन्हीं के गढ़ में घेरने की है। इसके लिए स्मृति साढ़े चार सालों से अमेठी में न केवल सक्रिय रही हैं बल्कि लोगों से किसी न किसी माध्यम से जुड़ी रही हैं। इस बीच प्रदेश की सियासत में दो बड़े बदलाव हुए हैं। सपा-बसपा का गठबंधन और प्रियंका की सक्रिय राजनीति में एंट्री।
विज्ञापन
अमेठी सीट पर सपा-बसपा ने कांग्रेस का समर्थन किया है। ऐसे में स्मृति ईरानी ने चुनाव से पहले ही अमेठी में मोदी की सभा कराकर माहौल को अपने पक्ष में करने की कोशिश की है। इस सभा में मोदी का भाषण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय के बजाय स्थानीय मुद्दों पर ही केंद्रित रहा। उन्होंने एयर स्ट्राइक के बाद पैदा हुए माहौल को कांग्रेस व राहुल के खिलाफ मोड़ने की कोशिश की।
विज्ञापन
राइफल फैक्ट्री चलाने में देरी, तोपों व राफेल विमान सौदों को लटकाने के लिए उन्होंने राहुल व कांग्रेस की घेराबंदी की। राफेल सौदे में दलाली न मिलने पर उसे ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने साबित करने की कोशिश की कि जिस तरह कांग्रेस सरकारों में देश की सुरक्षा से खिलवाड़ होता है, उसी तरह कांग्रेस अमेठी की भी उपेक्षा करती है।
कई स्थानीय उदाहरणों से लोगों को समझाने की कोशिश की कि अब राहुल-सोनिया के प्रभाव से मुक्त होने का वक्त आ गया है। इसीलिए कहा कि अमेठी की पहचान गांधी-नेहरू के बजाय एके-203 राइफल से होगी।
यूं ही नहीं चुना अमेठी
चुनाव से पहले अमेठी में प्रधानमंत्री का दौरा यूं ही नहीं हुआ है। राहुल के संसदीय क्षेत्र में मजबूत पकड़ के बहाने भाजपा अवध और पूर्वांचल में कांग्रेस की जड़ें हिलने का संदेश देना चाहती है। इस दौरे से भाजपा के उन कार्यकर्ताओं में जोश का संचार हुआ है, जो सपा-बसपा गठबंधन और प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने का अपने-अपने ढंग से आकलन कर रहे थे। इसके लिए अमेठी से बेहतर और कोई जगह नहीं हो सकती थी।
एयर स्ट्राइक का जिक्र नहीं, राहुल पर स्ट्राइक
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में पाकिस्तान के खिलाफ एयर स्ट्राइक का जिक्र नहीं किया। शायद इससे राहुल गांधी पर हमले की धार कुंद होने का अंदेशा रहा होगा। अमेठी में पूरी तैयारी राहुल और कांग्रेस को घेरने, उन्हें देश की सुरक्षा व विकास विरोधी तथा दलाल साबित करने की रही। राफेल विमान सौदे पर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब भी उनके गढ़ में ही दिया। एयर स्ट्राइक का संदेश तो बस इतना कहने भर से दिया कि देश की रक्षा मंत्री नारी हैं। उन्होंने दिखा दिया कि रक्षा के लिए कैसे कदम उठाए जाते हैं।
एयर स्ट्राइक का जिक्र नहीं, राहुल पर स्ट्राइक
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में पाकिस्तान के खिलाफ एयर स्ट्राइक का जिक्र नहीं किया। शायद इससे राहुल गांधी पर हमले की धार कुंद होने का अंदेशा रहा होगा। अमेठी में पूरी तैयारी राहुल और कांग्रेस को घेरने, उन्हें देश की सुरक्षा व विकास विरोधी तथा दलाल साबित करने की रही। राफेल विमान सौदे पर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब भी उनके गढ़ में ही दिया। एयर स्ट्राइक का संदेश तो बस इतना कहने भर से दिया कि देश की रक्षा मंत्री नारी हैं। उन्होंने दिखा दिया कि रक्षा के लिए कैसे कदम उठाए जाते हैं।