न्यू अरबन इंडिया कॉन्क्लेव : प्रधानमंत्री ने सपा सरकार को आड़े हाथों लिया, बोले- यूपी में 2017 से पहले और बाद का अंतर साफ दिखता है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में न्यू अरबन इंडिया कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने शहरों के विकास के लिए किए गए कार्यों का भी जिक्र किया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में बिजली सुविधा नहीं बल्कि सियासत का टूल बन गई थी, बिना सिफारिश के सड़क नहीं बनती थी और पानी की स्थिति तो किसी से छिपी नहीं है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ने सपा का नाम लिए बिना पिछली सरकार पर निशाना साधा। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में 2017 से पहले और उसके बाद का अंतर साफ दिखता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता 2017 के पहले और उसके बाद के यूपी का अंतर अच्छी तरह जानती है। उन्होंने कहा कि पहले बिजली आती कम थी, जाती ज्यादा थी। बिजली आती भी थी तो वहीं आती थी जहां नेता चाहते थे। उन्होंने कहा कि बिजली सुविधा नहीं सियासत का टूल बन गई थी। उन्होंने कहा कि सड़क सिर्फ तब बनती थी जब सिफारिश हो और पानी की स्थिति तो किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि लेकिन अब प्रदेश में सभी को सभी जगह एक समान बिजली मिलती है। अब गरीब के घर भी बिजली आती है और गांव की सड़क किसी सिफारिश की मोहताज नहीं है। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास के लिए जिस इच्छा शक्ति की आवश्यकता है वह यूपी में मौजूद थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह दिन भी याद आते है जब उत्तर प्रदेश गरीबों के आवास निर्माण में आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा था। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को जानना चाहिए कि किस तरह शहरी प्लानिंग को राजनीति का शिकार बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तत्कालीन प्रदेश सरकार को गरीबों के लिए घर बनाने का बजट दे रही थी लेकिन सरकार गरीबों के लिए घर नहीं बनाना चाहती थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को गरीबों के आवास बनाने के लिए प्रदेश सरकार से मिन्नत करनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले पीएम आवास योजना शहरी के तहत 18 हजार घरों की स्वीकृति दी गई थी लेकिन तत्कालीन सरकार ने 18 घर भी नहीं बनाकर दिए। उन्होंने कहा कि उस दौरान जो लोग यूपी सरकार को चला रहे थे वे गरीबों के आवास में लगातार अड़ंगा डाल रहे थे। उन्होंने कहा कि उनका यह कृत्य यूपी के लोग कभी नहीं भूल सकते।
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री की पीठ थपथपाते हुए कहा कि मुझे संतुष्टि है कि योगी सरकार आने के बाद शहरी गरीबों को 9 लाख आवास बनाकर दिए गए है। शहर में रहने वाले गरीब भाई बहनों को 14 लाख आवास के निर्माण अलग-अलग चरण है। घर में पानी, बिजली, गैस शौचालय भी मिल रही है तो गृह प्रवेश भी आन बान के साथ हो रहा है। प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के लिए भी मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि योजना में प्रथम तीन जिलों में दो जिले यूपी के है। पहले नंबर पर लखनऊ और दूसरे नंबर पर कानपुर है।
13 लाख आवास बनाम 1 करोड़ 13 लाख आवास
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस का नाम लिए बिना कटाक्ष करते हुए कहा कि एक समय था जब घर की स्वीकृति से लेकर निर्माण तक में बरसों लग जाते थे। जो घर बनते थे वह रहने लायक हैं भी या नहीं इस पर भी सवालिया निशान रहता था। उन्होंने कहा कि किसी का साइज छोटा, निर्माण सामग्री खराब, आवंटन में हेराफेरी जैसे कामों को गरीबों का भाग्य बना दिया गया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश में जो सरकार थी उसने देश में शहरी आवास योजना के तहत सिर्फ 13 लाख आवास ही मंजूर किए थे। उसमें से केवल 8 लाख आवास की बने थे। 2014 के बाद से सरकार ने पीएम आवास योजना शहरी के तहत 1 करोड़ 13 लाख से ज्यादा मकान के निर्माण की मजूरी दी और 50 लाख आवास बनाकर उन्हें गरीबों को सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली में एसी कमरे में बैठकर कोई अधिकारी किसी के मकान का डिजाइन तय नहीं कर सकता है। सरकार ने घर के डिजाइन से लेकर निर्माण तक की आजादी लाभार्थी को दी है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले आवास के साइज की नीति नहीं थी लेकिन अब आवास का साइज न्यूनतम 22 मीटर कर दिया है।
स्वस्थ समाज में संतुलन बनाने के लिए उठाए कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि आमतौर पर किसी भी परिवार में घर, खेत, मकान, दुकान और वाहन पति या बेटे के नाम पर होता। लेकिन उस घर की मां या महिला के नाम पर कुच नहीं होता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने स्वस्थ समाज में संतुलन बनाने के लिए तय किया है कि सरकार की ओर से मिलने वाले आवास का मालिकाना हक घर की महिला का होगा। उन्होंने प्रदेश सरकार की अर से 10 लाख तक के भवन की रजिस्ट्री महिला के नाम कराने पर स्टांप शुल्क में दो प्रतिशत छूट देने के निर्णय की भी प्रशंसा की।
अटल के विजन, एक्शन और योगदान को विश्व पटल पर ले जाएगी पीठ
प्रधानमंत्री ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी पीठ की स्थापना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि लखनऊ ने अटलजी के रूप में मां भारती के लिए समर्पित एक विजनरी राष्ट्र नायक देश को दिया। उन्होंने कहा कि अटलजी की स्मृति में स्थापित हो रही पीठ उनके विजन, एक्शन, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को विश्व पटल पर लाएगी। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति में अनेक मोड आए लेकिन अटलजी ने उसे नई दिशा दी। देश की कनेक्टिविटी के लिए अटलजी के प्रयास वर्तमान भारत की मजबूत नींव है। एक तरफ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना थी दूसरी तरफ स्वर्णिम चतुर्भूज योजना लागू की थी।
विश्वास को जगाने वाली प्रदर्शनी है
प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यू अर्बन इंडिया के तहत तीन दिन तक लगने वाली प्रदर्शनी में देश भर के एक्सपर्ट यहां आकर मंथन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी देश में 75 साल की उपलब्धियां और देश के नए संकल्पों को भलिभांति प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी को देखकर लगेगा कि सब मिलकर देश को कहां से कहां ले सकते है, यह प्रदर्शनी विश्वास जगाने वाली है। उन्होंने लखनऊ के साथ प्रदेश की जनता से डिफेंस एक्सपो की तरह इस प्रदर्शनी को भी देखने का आग्रह किया।
रेहड़ी पटरी वालों ने कर दिया 7 करोड़ बार डिजिटल लेन-देन
प्रधानमंत्री ने कहा कि रेहड़ी पटरी वालों के डिजिटल लेन देन का मजाक बनाया गया था। लेकिन रेडी पटरी वालों ने अब तक 7 करोड़ से ज्यादा बारा डिजिटल लेन देन किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल पेमेंट में भारत नए रिकार्ड बना रहा है। जुलाई, अगस्त और सितंबर में तीनों महीनों में छह-छह लाख करोड़ रुपया डिजिटल लेनदेन हुआ है। उन्होंने कहा कि यह बदलते हुए भारत और तकनीकी को अपनाते हुए भारत की ताकत को दिखाता है
सफाई से बेरुखी से पड़ता था स्वास्थ्य संकट
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले शहरों की सफाई को लेकर अक्सर नकारात्मक चर्चा होती थी। गंदगी को शहरी जीवन का स्वभाव मान लिया गया था। उन्होंने कहा कि साफ सफाई के प्रति बेरुखी से शहरों की सुंदरता और पर्यटन पर असर पड़ने के साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी संकट होता है। उन्होंने कहा कि बीते छह सालों में स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना के तहत 60 लाख से अधिक निजी और 6 लाख से अधिक सामुदायिक शौचालय बनाए गए है। उन्होंने कहा कि देश में सात साल पहले 18 प्रतिशत कचरे का निष्पादन होता जो अब बढ़कर 70 प्रतिशत हो गया है। स्वच्छ भारत अभियान-20 के तहत शहरों में खड़े कूड़े के पहाडों को हटाने का अभियान भी शुरू कर दिया है।
एलईडी लाइटों ने बचाए हजारों करोड़
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शहरों की भव्यता बढ़ाने में एलईडी लाइट ने भूमिका निभाई है। देश में 90 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई है इनसें निकायों के बिजली के बिल में एक हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है इस राशि का उपयोग शहरों के विकास में हो रहा है। 37 करोड़ एलईडी बल्ब बांटने से लोगों के घरों में कुल 24 हजार करोड़ रुपये बिजली का बिल कम हुआ है।
सौगातों के साथ सियासी संदेश भी दिए गए मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहरी विकास मंत्रालय और भारी उद्योग मंत्रालय की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण और हरी झंडी दिखाते हुए प्रदेश को हजारों करोड़ की सौगात दी। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इन परियोजनाओं को तेजी से पूरी होने की बात कर सियासी संदेश भी दे गए।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 75 जिलों में 75 हजार परिवारों को आवास की चाबी सौंपी। 17 स्मार्ट सिटी की 75 सफल परियोजनाओं पर आधारित कॉफी टेबल बुक का डिजिटल अनावरण किया। उन्होंने स्मार्ट सिटी योजना के तहत 1537.02 करोड़ की 15 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। वहीं 1256.22 करोड़ की 30 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने अमृत पेयजल योजना के तहत 502.24 करोड़ की 17 पेयजल परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया। वहीं 1471.70 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने भारी उद्योग मंत्रालय की ओर से यूपी के लिए दी गई 75 ई-बसों के संचालन को हरी झंडी भी दिखाई।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेन्द्र नाथ पांडेय, केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि यूपी की जिन परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ है वह योगी के नेतृत्व में तेजी से पूरी की जाएगी। प्रधानमंत्री के इस कथन के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है वह दो-चार महीने नहीं बल्कि एक से दो साल में ही पूरी होंगी। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने योगी के नेतृत्व में परियोजनाएं पूरी होने की बात कर साफ संदेश दिया है कि 2022 में भाजपा की सरकार बनने पर योगी ही मुख्यमंत्री होंगे।
शहरी विकास का रोडमैप तैयार करेगी अर्बन कांफ्रेंस : राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यू इंडिया मिशन के तहत हमारे शहर ईज ऑफ लिविंग, ईज ऑफ डूइंग, आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएंगे। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अर्बन कांफ्रेंस कम एक्सपो अब तक की शहरी विकास की उपलब्धियों को सामने लाएगा और भविष्य में शहरी विकास का रोडमैप भी तैयार करेगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कांफ्रेंस शहर के साथ भारत के सभी विकासशील शहरों की नई तस्वीर बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने न्यू इंडिया का सपना देखा है, उसे पूरा करने के लिए दिन रात अथक परिश्रम करते हुए मिशन मोड में काम कर रहे है, उनका सपना साकार होते हुए देश की जनता देख रही है। उन्होंने कहा कि मोदी ने गुजरात के सीएम रहते हुए शहरी नियोजन पर फोकस किया था। भूकंप से प्रभावित भुज और प्लेग से पीड़ित सूरत की सूरत बदलने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की आज भी सराहना होती है।
उन्होंने कहा कि भारत में शहरीकरण नई बात नहीं है बल्कि नगरीय परंपरा अत्यंत प्राचीन है। कन्नौज और प्रयागराज शहरी परंपरा की याद दिलाते है। उन्होंने कहा कि देश हाउसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, सेनिटाइजेशन की चुनौती का सामना करते हुए तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। युवा वर्ग के लिए रोजगार का सृजन कर उनका भविष्य भी संवार रहा है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में शहरी विकास की गति आगे बढ़ती जा रही है। प्रसाद, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन-2 सभी अभियान नए भारत, स्वच्छ भारत और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को दर्शा रहे है। उन्होेंने कहा कि लखनऊ को दरियादिली और बेमिसाल तहजीब का शहर माना जाता है, नए भारत में विकास की दिशा में लखनऊ भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।