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Lucknow News: भिनगा में बने प्ले स्कूल तो महिला कर्मचारियों को मिले राहत
Thu, 22 Aug 2024 05:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 22 Aug 2024 05:25 AM IST
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पुलिस कार्यालय में बेटी को गोद में लेकर ड्यूटी करती आरक्षी रिचा शुक्ला।
श्रावस्ती। जिले की स्थापना के 27 साल बाद भी यहां कोई प्ले स्कूल या पालना घर नहीं है। जबकि देखा जाए तो जिले में तमाम ऐसी महिला शिक्षक, महिला पुलिस व अन्य विभागों में महिला कर्मचारी तैनात हैं। जिनके पति गैर जिलों में रहकर नौकरी कर रहे हैं। जबकि वह स्वयं घर व परिवार से दूर हैं। जिनके कंधे पर ड्यूटी के साथ ही अपने मासूम बच्चों को पालने की भी जिम्मेदारी है।
जिले में प्ले स्कूल या पालना घर न होने से वे अपने बच्चों को अकेला नहीं छोड़ पाती। ऐसे में अकेली होने के कारण बच्चों को साथ लेकर ड्यूटी करने को मजबूर हैं। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी महिला पुलिस कर्मियों को होती हैं। जिन्हें प्रतिकूल मौसम में भी मासूमों को साथ लेकर कर्तव्य पालन करना पड़ रहा है।
बनाई जा चुकी है योजना
जिले में कई महिला पुलिस कर्मी ऐसी हैं जिनके बच्चे तीन माह से तीन साल तक के हैं। उनकी सुविधा के लिए पुलिस लाइन या महिला थाने में प्ले स्कूल स्थापित करने व पुलिस वेलफेयर के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। पैसा मिलते ही बच्चों के लिए पालना, खिलौना व अन्य आवश्यक सामान मंगवा कर इसका संचालन प्रारंभ करा दिया जाएगा। जहां बच्चों की देखरेख के लिए महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। जिससे बच्चों को कोई परेशानी न होने पाए।
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- घनश्याम चौरसिया, एसपी
प्रयास कर स्थापित कराया जाएगा पालना घर
मुख्यालय पर पालना घर या प्ले स्कूल की स्थापना के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। हमारी कोशिश होगी कि जल्द से जल्द इसकी स्थापना कर संचालन प्रारंभ कराया जा सके। ताकि ऐसी महिला अधिकारियों व कर्मचारियों सहित बच्चों को सहूलियत मिले।
- अजय कुमार द्विवेदी, डीएम
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जिले में प्ले स्कूल या पालना घर न होने से वे अपने बच्चों को अकेला नहीं छोड़ पाती। ऐसे में अकेली होने के कारण बच्चों को साथ लेकर ड्यूटी करने को मजबूर हैं। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी महिला पुलिस कर्मियों को होती हैं। जिन्हें प्रतिकूल मौसम में भी मासूमों को साथ लेकर कर्तव्य पालन करना पड़ रहा है।
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बनाई जा चुकी है योजना
जिले में कई महिला पुलिस कर्मी ऐसी हैं जिनके बच्चे तीन माह से तीन साल तक के हैं। उनकी सुविधा के लिए पुलिस लाइन या महिला थाने में प्ले स्कूल स्थापित करने व पुलिस वेलफेयर के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। पैसा मिलते ही बच्चों के लिए पालना, खिलौना व अन्य आवश्यक सामान मंगवा कर इसका संचालन प्रारंभ करा दिया जाएगा। जहां बच्चों की देखरेख के लिए महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। जिससे बच्चों को कोई परेशानी न होने पाए।
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- घनश्याम चौरसिया, एसपी
प्रयास कर स्थापित कराया जाएगा पालना घर
मुख्यालय पर पालना घर या प्ले स्कूल की स्थापना के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। हमारी कोशिश होगी कि जल्द से जल्द इसकी स्थापना कर संचालन प्रारंभ कराया जा सके। ताकि ऐसी महिला अधिकारियों व कर्मचारियों सहित बच्चों को सहूलियत मिले।
- अजय कुमार द्विवेदी, डीएम