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Lucknow News: ‘दो बैलों की कथा’ ने दिया एकता का संदेश
Tue, 10 Dec 2024 06:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 10 Dec 2024 06:27 PM IST
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लखनऊ। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से मासिक नाट्य शृंखला रंगयात्रा के अंतर्गत मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘दो बैलों की कथा’ का मंचन किया गया। आयोजन मंगलवार को गोमती नगर स्थित संगीत नाटक अकादमी में हुआ।
नाटक का निर्देशन एवं परिकल्पना ज्ञानेश्वर मिश्र की रही। उन्होंने नाटक में अंशिका सक्सेना के साथ सूत्रधार किरदार को बखूबी निभाया। यह कहानी दो बैलों, हीरा और मोती की है जो न केवल अपने मालिक झूरी के प्रति अटूट निष्ठा दिखाते हैं बल्कि अपने आत्मसम्मान और स्वत्रंतता की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना भी करते हैं। झूरी की ससुराल में बैलों की दुर्दशा, उनका भागना और अंत में झूरी के पास लौटना दर्शकों को भावुक कर गया।
ज्ञानेश्वर मिश्रा ने बताया कि नाटक का उद्देश्य प्रेमचंद की कहानियों से युवा पीढ़ी को जोड़ना और मानव व पशु के बीच के रिश्ते को उजागर करना थास। उन्होंने कहा कि हीरा और मोती की जोड़ी समाज में ‘एक रहेंगे तो नेक रहेंगे’ का संदेश देती है। नाटक में संदीप देव, बसंत मिश्रा, सूरज गौतम, निरुपमा राहुल आदि कलाकारों ने शानदार अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया। वहीं कंवलजीत सिंह के ढोलक वादन और आदित्य शर्मा के संगीत संयोजन ने दर्शकों को बांधे रखा।
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नाटक का निर्देशन एवं परिकल्पना ज्ञानेश्वर मिश्र की रही। उन्होंने नाटक में अंशिका सक्सेना के साथ सूत्रधार किरदार को बखूबी निभाया। यह कहानी दो बैलों, हीरा और मोती की है जो न केवल अपने मालिक झूरी के प्रति अटूट निष्ठा दिखाते हैं बल्कि अपने आत्मसम्मान और स्वत्रंतता की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना भी करते हैं। झूरी की ससुराल में बैलों की दुर्दशा, उनका भागना और अंत में झूरी के पास लौटना दर्शकों को भावुक कर गया।
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ज्ञानेश्वर मिश्रा ने बताया कि नाटक का उद्देश्य प्रेमचंद की कहानियों से युवा पीढ़ी को जोड़ना और मानव व पशु के बीच के रिश्ते को उजागर करना थास। उन्होंने कहा कि हीरा और मोती की जोड़ी समाज में ‘एक रहेंगे तो नेक रहेंगे’ का संदेश देती है। नाटक में संदीप देव, बसंत मिश्रा, सूरज गौतम, निरुपमा राहुल आदि कलाकारों ने शानदार अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया। वहीं कंवलजीत सिंह के ढोलक वादन और आदित्य शर्मा के संगीत संयोजन ने दर्शकों को बांधे रखा।
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