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नगर निकाय चुनावः राज्य निर्वाचन आयोग ने इन प्रचार सामग्रियों पर लगायी रोक

Sat, 28 Oct 2017 01:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 28 Oct 2017 01:24 PM IST
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plastic will not be use in election promotional material
डेमो - फोटो : डेमो
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव के दौरान प्लास्टिक और पॉलिथीन से बनी प्रचार सामग्री के उपयोग पर पाबंदी लगा दी है। आयोग ने नए सिरे से आचार संहिता तैयार करते हुए चुनाव के दौरान सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों पर सख्ती की है तो अफसरों पर भी शिकंजा कसने का प्रयास किया है।
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राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त सतीश कुमार अग्रवाल ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा प्रचार सामग्री में प्लास्टिक और पॉलिथीन के पोस्टर बैनर के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। किसी अन्य राजनीतिक दल या उम्मीदवार और उनके समर्थक का पुतला लेकर चलने, उन्हें सार्वजनिक स्थलों पर जलाने और इस प्रकार का अन्य कृत्य करने पर भी पाबंदी रहेगी।
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सभा रैली या जुलूस का आयोजन इस प्रकार किया जाएगा ताकि उससे यातायात में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पहले सार्वजनिक सभा, चुनाव प्रचार बंद हो जाएगा। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च सहित किसी भी  धार्मिक स्थल पर चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा।
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जाति या सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर वोट की अपील नहीं की जा सकेगी। चुनावी सभा और रैलियों के लिए स्कूल, कॉलेज परिसर का उपयोग नहीं होगा। कोई भी उम्मीदवार अपनी मूर्ति या देवी देवताओं की मूर्तियों के चित्रण से युक्त डायरी-कैलेंडर या स्टीकर का वितरण नहीं कर सकेगा।

सत्तारुढ़ दल और अफसरों पर रहेगी ये पाबंदी

plastic will not be use in election promotional material
डेमो
- सत्तारूढ़ दल के लोग सरकारी निरीक्षण गृह, डाक बंगले या अन्य किसी विश्रामगृह का उपयोग चुनाव कार्यालय या चुनाव प्रचार के लिए नहीं कर सकेंगे।
- मंत्री सरकारी दौरों को चुनाव प्रचार कार्य से नहीं जोड़ेंगे न ही सरकारी तंत्र या कर्मचारियों का उपयोग करेंगे।
- सरकारी वायुयानों और वाहनों का उपयोग किसी दल या उम्मीदवार के लिए नहीं किया जा सकेगा।
- केंद्र या राज्य सरकार के मंत्री किसी भी अधिकारी को किसी सरकारी विचार विमर्श के लिए नहीं बुला सकेंगे।
- निर्वाचन कार्य से जुड़ा कोई भी अधिकारी यदि निजी दौरे पर आए मंत्री से मिलता पाया गया तो उसके खिलाफ सेवा नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
- मंत्री अपने सरकारी वाहन का उपयोग सरकारी आवास से कार्यालय तक आने जाने के लिए ही कर सकेंगे।
- राज्यपाल, मुख्यमंत्री या मंत्री नगरीय क्षेत्र में विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में तो शामिल हो सकेंगे लेकिन भाषण नहीं दे सकेंगे।
- कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को छोड़कर अन्य अधिकारी व कर्मचारी किसी चुनावी सभा या राजनीतिक आयोजन में शामिल नहीं हो सकेंगे। ना ही मंत्रियों या विधायकों के साथ चुनाव क्षेत्र में जा सकेंगे।
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