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अबकी पुरानी यादों से ही गाढ़ा होगा दोस्ती का रंग, यूं करेंगे सेलीब्रेट
Wed, 29 Jul 2020 04:31 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 29 Jul 2020 04:31 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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वो कैंटीन की गपशप...। एक से बढ़कर एक किस्से। खट्टे-मीठे। ...तो कभी तीखे भी। दोस्ती में तो सब चलता है। पर, दोस्ती पर भी कोरोना का पहरा है। कॉलेज बंद हैं। व्हाट्सएप मैसेजेज, वीडियो कॉल, फोन कॉल...सब फीके। इनमें कैंटीन की गपशप वाली लज्जत कहां। वो धमाचौकड़ी कहां। हर साल फ्रेंडशिप डे खास होती थी। धमाल होता था। घर में चाय तो खूब बनाई पर दोस्तों के साथ की चाय जैसा मजा कहां? फिर भी दोस्ती का रंग गाढ़ा तो करना ही है। इसलिए पुरानी यादों का सहारा लेकर व दोस्तों को गिफ्ट भेजकर सेलिब्रेशन की तैयारी है। आइए जानते हैं फ्रेंडशिप डे पर कॉलेज गोइंग गर्ल्स की प्लानिंग...।
- फोटो : amar ujala
एक-दूसरे को भेजेंगे मनपसंद चीजें
एमिटी की इशिता अग्रवाल कहती हैं कि घर से निकलना मना है। क्या करें, एक दूसरे को बहुत मिस कर रहे हैं और पता नहीं कब तक ये सब चलेगा। खैर हमने सोचा है कि उस दिन सोशल मीडिया के जरिए पुरानी सारी फोटो शेयर करेंगे। होम डिलीवरी की सुविधा है, इसलिए एक दूसरे की मनपसंद चीज भेजेंगे। दोस्तों की कमी तो खलेगी ही।
एमिटी की इशिता अग्रवाल कहती हैं कि घर से निकलना मना है। क्या करें, एक दूसरे को बहुत मिस कर रहे हैं और पता नहीं कब तक ये सब चलेगा। खैर हमने सोचा है कि उस दिन सोशल मीडिया के जरिए पुरानी सारी फोटो शेयर करेंगे। होम डिलीवरी की सुविधा है, इसलिए एक दूसरे की मनपसंद चीज भेजेंगे। दोस्तों की कमी तो खलेगी ही।
- फोटो : amar ujala
मेरे घर का खाना मिस कर रहे दोस्त
आईटी कॉलेज की प्रियदर्शी दीक्षित कहती हैं कि बहुत लंबा समय हो गया। मेरे सारे दोस्त बाहर के रहने वाले हैं। वे घर जा चुके हैं। फ्रेंडशिप डे पर हॉस्टल में रहने वाले दोस्तों के लिए मैं घर का बना खाना लेकर जाती थी। उनके मैसेज आ रहे हैं कि वे घर पर हैं, लेकिन मेरे यहां का खाना मिस करेंगे। दोस्त जिंदगी का अहम हिस्सा होते हैं। हम लोग जल्द मिलेंगे, यही उम्मीद है।
आईटी कॉलेज की प्रियदर्शी दीक्षित कहती हैं कि बहुत लंबा समय हो गया। मेरे सारे दोस्त बाहर के रहने वाले हैं। वे घर जा चुके हैं। फ्रेंडशिप डे पर हॉस्टल में रहने वाले दोस्तों के लिए मैं घर का बना खाना लेकर जाती थी। उनके मैसेज आ रहे हैं कि वे घर पर हैं, लेकिन मेरे यहां का खाना मिस करेंगे। दोस्त जिंदगी का अहम हिस्सा होते हैं। हम लोग जल्द मिलेंगे, यही उम्मीद है।
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- फोटो : amar ujala
इस बार तो बस वीडियो कॉल
खुनखुनजी गर्ल्स डिग्री कॉलेज की शशि पाल कहती हैं कि संक्रमण बढ़ने से रोकना है तो घर में रहना होगा। हम लोग भी यही कर रहे हैं। दोस्तों की कमी तो कोई पूरी नहीं कर सकता, लेकिन हम साथ-साथ हैं, दिल से। इस बार फोन करके एक दूसरे को विश करेंगे, वीडियो कॉल से बात करेंगे।
खुनखुनजी गर्ल्स डिग्री कॉलेज की शशि पाल कहती हैं कि संक्रमण बढ़ने से रोकना है तो घर में रहना होगा। हम लोग भी यही कर रहे हैं। दोस्तों की कमी तो कोई पूरी नहीं कर सकता, लेकिन हम साथ-साथ हैं, दिल से। इस बार फोन करके एक दूसरे को विश करेंगे, वीडियो कॉल से बात करेंगे।
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इस बार उनकी यादें ही साथ होंगी
श्री गुरुनानक गर्ल्स डिग्री कॉलेज की स्टूडेंट अमला चंद्रा कहती हैं कि सारे दिन कॉलेज में बैठकर बातें करना, नोकझोंक, एक-दूसरे की खिंचाई, साथ मिलकर काम करना, खूब सारा प्यार बांटना, ये सब दोस्तों से ही तो सीखा है। पिछली बार का फ्रेंडशिप डे याद है, इस बार उसकी यादें साथ होंगी। पता नहीं कब ये कोरोना जाएगा और हम एक दूसरे से मिलकर फिर वही धमाचौकड़ी मचाएंगे।
श्री गुरुनानक गर्ल्स डिग्री कॉलेज की स्टूडेंट अमला चंद्रा कहती हैं कि सारे दिन कॉलेज में बैठकर बातें करना, नोकझोंक, एक-दूसरे की खिंचाई, साथ मिलकर काम करना, खूब सारा प्यार बांटना, ये सब दोस्तों से ही तो सीखा है। पिछली बार का फ्रेंडशिप डे याद है, इस बार उसकी यादें साथ होंगी। पता नहीं कब ये कोरोना जाएगा और हम एक दूसरे से मिलकर फिर वही धमाचौकड़ी मचाएंगे।