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आयुष्मान योजना का पायलट रन शुरू, 1350 बीमारियों का होगा फ्री इलाज, छह करोड़ लोगों को होगा फायदा

Tue, 04 Sep 2018 09:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 04 Sep 2018 09:35 PM IST
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pilot run of ayushman yojna starts in uttar pradesh.
गोल्डेन कार्ड पाने वाले लाभार्थियों के साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह - फोटो : amar ujala

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मंगलवार को बलरामपुर अस्पताल से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पायलट रन की शुरुआत की। उन्होंने छह लाभार्थियों को योजना का गोल्डन कार्ड और तुलसी का पौधा भेंट किया। 7 सितंबर को सभी मंडल मुख्यालयों पर इस योजना को शुरू किया जाएगा, जो 13 सितंबर तक चलेगा। 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस योजना का देश भर में शुभारंभ करेंगे। इसमें 1350 बीमारियों का फ्री इलाज मिलेगा। प्रदेश के छह करोड़ लोग इस योजना से लाभान्वित होंगे।

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स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि आयुष्मान भारत, विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। उत्तर प्रदेश में 1.18 करोड़ परिवारों (छह करोड़ लोगों) को इसका लाभ मिलेगा। जो सामाजिक आर्थिक एवं जातिगत जनगणना (एसईसीसी-2011) में शामिल हैं। योजना में इलाज के लिए 274 अस्पताल सूचीबद्ध किए जा चुके हैं। लगभग 700 अस्पतालों ने इस योजना से जुड़ने के लिए आवेदन कर रखा है। योजना की लांचिंग तक 1000 से अधिक अस्पताल सूचीबद्ध हो जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि लाभार्थियों को एक गोल्डन कार्ड दिया जाएगा। जिससे वह इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इस कार्ड पर एक कोने पर प्रधानमंत्री और दूसरे कोने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो होगी। जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इन कार्डों को जिलों में बंटवाया जाएगा।
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इस कार्ड के माध्यम से अस्पतालों में भर्ती होकर लाभार्थी पांच लाख रुपये तक की बीमारी जैसे हार्ट अटैक, कैंसर, गुर्दा रोग, लिवर रोग आदि का इलाज फ्री में करा सकेंगे। इसके अलावा शहरी क्षेत्र के 11 कामगार श्रेणियों जैसे कचरा उठाने, फेरी वाले, रिक्शा चालक आदि को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

'इलाज के दौरान दवाएं, जांच, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई भी नि:शुल्क'

इलाज के दौरान दवाएं, जांच, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई भी नि:शुल्क होगा। योजना में पात्र परिवार के सभी सदस्य योजना के पात्र होंगे। आयु सीमा व संख्या की बाध्यता नहीं होगी। भारत सरकार द्वारा चिन्हित पिछड़े आठ जिलों में अस्पतालों को निर्धारित पैकेज के अलावा प्रोत्साहन के रूप में परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव दिए जाएंगे।

पायलट रन का मकसद योजना में आने वाली खामियों का आंकलन करके उसे दुरुस्त करना है। इस मौके पर महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. पद्माकर सिंह, निदेशक बलरामपुर डॉ. राजीव लोचन व साचीज के अधिकारी मौजूद थे।

आरोग्य मित्र करेगा मदद
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि प्रदेश को चार जोन में बांटकर इस योजना को लांच किया जा रहा है। हर जोन में एक इम्प्लीमेंटेशन सपोर्ट एजेंसी (आईएसए) होगी। जो क्लेक की जांच करेगी। लाभार्थियों की मदद के लिए एक आरोग्य मित्र की तैनाती की जा रही है। इसे पांच हजार रुपये मानदेय और प्रति मरीज 50 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर तीन प्रोफेशनल्स की नियुक्ति की जाएगी। आयुष्मान भारत योजना लागू होने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

योजना के क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1800111565 की शुरुआत की है। प्रदेश सरकार इस योजना के लिए एक अलग कॉल सेंटर की स्थापना करेगी।

कैबिनेट ने दी मंजूरी, इंश्योरेंश के बजाय एश्योरेंस मोड में चलेगी

स्वास्थ्य मंत्री व सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दे दी है। योजना पहली बार इंश्योरेंस (बीमा) मोड की जगह एश्योरेंस (विश्वास) मोड पर चलेगी। योजना में 1350 सर्जिकल व मेडिकल प्रोसीजर शामिल किए गए हैं।

इसमें लाभार्थी परिवार को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक फ्लोटर के आधार पर अनुबंधित राजकीय व निजी अस्पतालों में इलाज मिलेगा। योजना के संचालन के लिए स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस (साचीज) को अधिकृत किया गया है। जो स्टेट हेल्थ एजेंसी के रूप में कार्य करेगी। स्टेट हेल्थ एजेंसी के सीईओ/ऑपरेशंस टीम के मार्गदर्शन निगरानी व पर्यवेक्षण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक गवर्निंग काउंसिल होगी। जिसमें 13 विभागों जैसे वित्त, आवास, शिक्षा, ग्राम्य, चिकित्सा शिक्षा और महानिदेशालय के महानिदेशक आदि शामिल होंगे।

शुरुआती संचालन के लिए 59 करोड़ रुपये का प्रशासनिक बजट जारी किया गया है। इमसें 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी राज्य सरकार का हिस्सा है। इसके अलावा प्रदेश सरकार 440 करोड़ रुपये बजट योजना के लिए देगी। 660 करोड़ रुपये इसमें केंद्र सरकार मदद करेगी।

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