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पीलीभीत का चुनाव: अखिलेश ने की वरुण गांधी के मुद्दे को भुनाने की कोशिश, टिकट कटने की भी उठाई बात
Sat, 13 Apr 2024 06:37 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sat, 13 Apr 2024 06:37 AM IST
सार
Pilibhit elections: वरुण गांधी भले ही पीलीभीत सीट से चुनाव ना लड़ रहे हों लेकिन उनका नाम और उनका टिकट कटना इन चुनावों में मुद्दा बना हुआ है। विपक्षी पार्टिया उस मुद्दे को उठा रही हैं।
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अखिलेश यादव ने की वरुण गांधी की बात।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीलीभीत में अपनी पहली चुनावी सभा में वरुण गांधी और लखीमपुर कांड के बहाने किसानों को साधने की कोशिश की। उन्होंने लखीमपुर कांड के बहाने किसानों के पुराने जख्मों को कुरेदने का भी प्रयास किया। कहा कि किसानों की आवाज उठाने के चलते भाजपा के सांसद वरुण गांधी मंच पर स्थान नहीं पा रहे हैं।
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अखिलेश ने लोकसभा चुनाव-2024 के प्रचार का आगाज तराई की धरती से किया। पीलीभीत भाजपा का गढ़ माना जाता है, क्योंकि यहां की लोकसभा सीट के साथ-साथ सभी विधानसभा सीटों पर भी भाजपा का कब्जा है। यही वजह है कि सपा अध्यक्ष ने यहां जाति-धर्म से जुड़े किसी भी मुद्दे को छुआ तक नहीं। उन्होंने मुख्य रूप से किसानों के दर्द और भ्रष्टाचार पर ही वार किया।
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उन्होंने छुट्टा जानवरों और बाघों-तेंदुओं का सामना कर रहे किसानों की दुश्वारियों को सामने रखा। इसके माध्यम से वे यह भी बताना नहीं भूले कि भाजपा सरकार अपने वादे पूरे नहीं कर रही है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि सरकार बनने पर 15 दिन के अंदर छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान हो जाएगा लेकिन यह समस्या आज तक जस की तस बनी हुई है। ढाई साल पहले हुए लखीमपुर कांड का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों पर कार चढ़वाने वालों को दोबारा टिकट देकर सम्मानित किया जा रहा है।
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पिछले 30 वर्षों से पीलीभीत से मेनका गांधी और उनके पुत्र वरुण गांधी ही जीतते रहे हैं लेकिन भाजपा ने इस बार वरुण का टिकट काटकर यहां से पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद को मैदान में उतारा है। वरुण का बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि जो किसान आंदोलन के समर्थन में बोलते थे, उनके साथ भाजपा ने क्या सुलूक किया, सबके सामने है। कुल मिलाकर अखिलेश ने वरुण समर्थकों के गुस्से को हवा देने का काम किया ताकि उसका रणनीतिक फायदा सपा को मिल सके।
वहीं, भाजपा प्रत्याशी जितिन प्रसाद पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि पीडब्ल्यूडी के ट्रांसफर घपले में दिल्ली से लाए गए इनके ओएसडी तक को हटाया गया। उन्होंने यहां भाईचारे की गंगा-जमुनी तहजीब की याद भी दिलाई।