फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   PHD students are waiting for admission in Lucknow University.

लखनऊ विश्वविद्यालय: प्रवेश परीक्षा देने के बावजूद दाखिले के इंतजार में पीएचडी अभ्यर्थी

Sun, 12 Jul 2020 04:52 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 12 Jul 2020 04:52 PM IST
विज्ञापन
PHD students are waiting for admission in Lucknow University.
- फोटो : amar ujala

लखनऊ विश्वविद्यालय में पिछले सत्र की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। विवि 12 विभागों को छोड़कर बाकी की प्रवेश परीक्षा भी आयोजित करा चुका है। प्रवेश परीक्षा देने के बाद 30 से ज्यादा विभाग के अभ्यर्थी रिजल्ट जारी करके प्रवेश देने की मांग कर रहे हैं।

विज्ञापन


अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि पहले ही उनकी प्रवेश प्रक्रिया पूरे एक साल लेट हो चुकी है। अब बची हुई प्रवेश परीक्षा का इंतजार करने में उनका कितना समय जाएगा, इस पर कुछ नहीं जा सकता है। इस तरह उनकी प्रवेश प्रक्रिया कम से कम डेढ़ साल लेट हो जाएगी।
विज्ञापन


लखनऊ विवि में पीएचडी की 492 सीट के लिए 5, 260 आवेदन आए हैं। इनकी प्रवेश परीक्षा 16 से 20 मार्च के बीच प्रस्तावित थी। दो दिन प्रवेश परीक्षा आयोजन के बाद कोरोना संक्रमण की आशंका में सभी परीक्षा स्थगित कर दी गईं। लविवि ने भी अपनी पीएचडी प्रवेश परीक्षा स्थगित कर दीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उस समय बायोकैमिस्ट्री, बॉटनी, कैमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, जियोलॉजी, गणित, फिजिक्स, स्टेटेटिक्स, जूलॉजी, एजूकेशन, लॉ और फाइन आर्ट्स की प्रवेश परीक्षा बची हुई थीं। तब से अब तक प्रवेश परीक्षा नहीं हो सकी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि कम से जिनकी प्रवेश परीक्षा हो चुकी है उन्हीं को दाखिला दे दिया जाए, जिससे उनकी परेशानी कम हो सके।

जेआरएफ अभ्यर्थियों की फंसेगी फेलोशिप

यूजीसी के निर्देश के अनुसार जेआरएफ  अभ्यर्थियों को दो साल के भीतर पीएचडी के लिए इनरोल होना होता है। ऐसा न होने पर उन्हें फेलोशिप नहीं मिल पाती। काफी अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्हें जेआरएफ की परीक्षा पास किए हुए दो साल होने को हैं। लविवि की प्रवेश परीक्षा न होने की वजह से उनकी फेलोशिप पर खतरा मंडरा रहा है। उनकी मांग है कि लविवि रिजल्ट घोषित कर दे, जिससे कि उनकी फेलोशिप शुरू हो सके।

70 अंक की प्रवेश परीक्षा के बाद 30 नंबर के लिए होना है साक्षात्कार
पीएचडी प्रवेश परीक्षा में लिखित परीक्षा 70 अंक की और मौखिक 30 अंक की होगी। यानी की प्रवेश परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को साक्षात्कार भी देना है। लिखित परीक्षा में दो भाग हैं। दोनों भाग 35-35 नंबर के हैं। दोनों में ही एक-एक नंबर के 35-35 सवाल पूछे गए हैं। परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं रखी गई है। इसके साथ ही सभी संकायों ने प्रवेश परीक्षा के सिलेबस में रिपोर्ट और डॉक्यूमेंटेंशन को अनिवार्य किया है। पेपर लविवि के परास्नातक पाठ्यक्रम पर आधारित हैं।

प्रवेश परीक्षा में 50 फीसदी नंबर लाना अनिवार्य

यूजीसी गाइडलाइन के अनुसार प्रवेश परीक्षा में 50 फीसदी नंबर लाने वाले अभ्यर्थी ही दाखिले के पात्र होंगे। भले ही किसी विभाग में 50 फीसदी नंबर लाने की अनिवार्यता पूरी करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या निर्धारित सीट से कम हो जाए।

ऐसी सूरत में सीट खाली रहेंगी, लेकिन पीएचडी में 50 फीसदी से कम नंबर लाने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed