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तीन साल से ठप पीएचडी प्रक्रिया ने फिर पकड़ी रफ्तार, इस साल नए प्रवेश आवेदन भी

Sat, 03 Oct 2020 05:56 PM IST
ishwar ashish अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ
अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 03 Oct 2020 05:56 PM IST
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PHD process starts in Dr. Shakuntala Misra National Rehabilitation University.
प्रतीकात्मक तस्वीर

विश्वविद्यालयों का मुख्य काम शोध करना और उसके माध्यम से समाज को कुछ बेहतर देना होता है, किंतु डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में शोध से जुड़ी प्रक्रिया पिछले कुछ वर्षों से विवादों में फंसी रही। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पर काफी कवायद की और इस साल विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के 12 साल पूरे होने पर दीक्षांत समारोह में पहली पीएचडी अवॉर्ड करेगा। साथ ही यहां शोध पर लगा ब्रेक भी हटता दिख रहा है।

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विवि में पहले तो स्थापना के काफी समय बाद पीएचडी प्रवेश शुरू हुए। वो भी पिछले तीन साल से ज्यादा से प्रभावित हैं। नवागत कुलपति प्रो. राणा कृष्णपाल सिंह ने आने के बाद इसकी राह की दिक्कत को हटाने के लिए प्रयास शुरू किया। जिस क्रम में काफी डीआरसी का गठन हुआ और बाकी प्रक्रिया गति पकड़ रही है। आरडीसी की बैठक हो रही है और काफी पीएचडी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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रजिस्ट्रार अमित कुमार सिंह ने कहा कि कई विभागों में डीआरसी हो चुकी है और जिनकी प्रक्रिया ठीक मिली है। उसकी अन्य औपचारिकता पूरी कर आरडीसी करवाई जा रही है। कुछ विभागों में डीआरसी ने जिनको सही नहीं पाया है, उनको बैक भी किया है। इस तरह अक्तूबर अंत तक स्थिति काफी कुछ साफ होगी। नियमानुसार प्रवेश प्रक्रिया न पूरी करने वालों की रिपोर्ट सामान्य परिषद को की जाएगी और जो प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं उन्हें दीक्षांत समारोह में डिग्री अवॉर्ड की जाएगी।

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छूटे विद्यार्थी 20 तक जमा करें शुल्क

विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक शोध शुल्क किसी कारण से न जमा कर पाने वाले स्टूडेंट्स को एक और मौका दिया है। रजिस्ट्रार अमित कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिन शोधार्थियों ने सत्र 2019-20 या इससे पहले के सत्र का शुल्क जमा नहीं किया है वे विलंब शुल्क के साथ 20 अक्तूबर तक जमा कर दे। सत्र 2020-21 के लिए विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा। शुल्क से संबंधित विस्तृत जानकारी विवि की वेबसाइट से भी प्राप्त की जा सकती है।

छूटे विद्यार्थी 20 तक जमा करें शुल्क
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक शोध शुल्क किसी कारण से न जमा कर पाने वाले स्टूडेंट्स को एक और मौका दिया है। रजिस्ट्रार अमित कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिन शोधार्थियों ने सत्र 2019-20 या इससे पहले के सत्र का शुल्क जमा नहीं किया है वे विलंब शुल्क के साथ 20 अक्तूबर तक जमा कर दे। सत्र 2020-21 के लिए विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा। शुल्क से संबंधित विस्तृत जानकारी विवि की वेबसाइट से भी प्राप्त की जा सकती है।

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