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Lucknow: फार्मा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने को लेकर हुई फार्मास्युटिकल उद्योग मीट, उद्यमियों की दूर की गई हर शंका

Thu, 22 Dec 2022 04:09 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 22 Dec 2022 04:09 AM IST
सार

मीट में एफएसडीए की प्रमुख सचिव अनीता सिंह उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल उद्योग नीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। आश्वासन दिया कि स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने के लिए समय- समय पर सुझाव लिया जाएगा और नए प्रस्ताव सरकार को दिए जाएंगे।

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Pharmaceutical industry meet held to increase investment in pharma sector in up
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : संवाद

विस्तार

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार ने कहा कि उद्यमी समूह बनाकर फार्मास्युटिकल पार्क बनाएं। सरकार उनकी पूरी तरह से मदद करेगी। फार्मा पार्क के लिए जमीन खरीदने पर स्टांप ड्यूटी में पूरी तरह से छूट है, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए 15 फीसदी तक कैपिटल सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। यह अधिकतम 25 करोड़ तक होगी। वह खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से बुधवार को लखनऊ के एक होटल में आयोजित फार्मास्युटिकल उद्योग मीट को संबोधित कर रहे थे।

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उन्होंने उद्यमियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान करते हुए फार्मा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की अपील की। इस दौरान उद्यमियों ने मांग की कि प्रदेश में तैयार होने वाली दवा और डिवाइस को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने सरकारी खरीद में स्थानीय कंपनियों को तवज्जो देने की मांग की। इस पर एफएसडीए की प्रमुख सचिव अनीता सिंह उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल उद्योग नीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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आश्वासन दिया कि स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने के लिए समय- समय पर सुझाव लिया जाएगा और नए प्रस्ताव सरकार को दिए जाएंगे। उद्यमियों की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए विभाग की प्रमुख सचिव ने बताया कि फार्मा उद्योग के हर प्रोजेक्ट के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। नीति में यह व्यवस्था की गई है कि उद्योग स्थापना के लिए गए ऋण के ब्याज पर 50 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी, लेकिन यह अधिकतम एक करोड़ होगा।

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इसी तरह प्लांट एवं मशीनरी की लागत पर 15 फीसदी या अधिकतम 200 करोड़ के प्रोत्साहन की व्यवस्था है। इसी तरह अनुसंधान सब्सिडी, सामान्य प्रयोजन ईटीपी की स्थापना, क्लीनिकल ट्रायल सब्सिडी आदि की भी व्यवस्था की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. जीएन सिंह, विशेष सचिव दिव्यांशु पटेल, उपायुक्त एके जैन, सहायक आयुक्त ब्रजेश यादव, दिनेश कुमार तिवारी आदि ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि विभाग की ओर से किसी तरह की समस्या नहीं होने दी जाएगी। कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे उद्यमियों ने कम मूल्य पर भूमि उपलब्ध क राने, बिजली की दरों को कम करने और विभिन्न सब्सिडी में समयबद्धता लाने की बात कही।

यूपी सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था वाला राज्य: डॉ. दयालु
आयुष एवं एफएसडीए राज्यमंत्री (स्वतंत्र विभाग) डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने फार्मा उद्यमियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हर तरह की मदद करने के लिए तैयार है। उत्तर प्रदेश अब देश की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनने की ओर अग्रसर है। एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी तक राज्य की अर्थव्यवस्था को पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि निवेश के लिए प्रदेश में बेहतर माहौल के साथ सुरक्षित वातावरण, ट्रेंड वर्क फोर्स, बेहतर कम्युनिकेशन, कनेक्टिविटी एवं गवर्नमेंट सपोर्ट के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

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