पीएफ घोटाला: ईओडब्ल्यू ने एपी मिश्र और सुधांशु के घर-ऑफिस पर की छापेमारी
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पीएफ घोटाले में गुरुवार को ईओडब्ल्यू ने रिमांड पर लिए गए पूर्व एमडी एपी मिश्रा और तत्कालीन वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी को साथ ले जाकर उनके घर व कार्यालय की तलाशी ली। इसके बाद सुधांशु द्विवेदी, एपी मिश्रा व पीके गुप्ता से सिग्नेचर बिल्डिंग में लगभग 40 बिंदुओं पर पूछताछ भी की गई। इस दौरान एपी मिश्रा और सुधांशु का आमना सामना कराया गया। शुक्रवार को पीके गुप्ता से एपी मिश्रा का आमना सामना भी कराया जाएगा।
ईओडब्ल्यू के सूत्रों ने बताया कि ईओडब्ल्यू की टीम गुरुवार लगभग पौने पांच बजे शाम एपी मिश्रा के अलीगंज स्थित आवास पहुंची और वहां तलाशी ली। इस दौरान एपी मिश्रा के घर और कार्यालय से दो कंप्यूटर, पर्सनल डायरी, मोबाइल, पीएनबी की बैंक पासबुक, पैन कार्ड और आधार कार्ड को कब्जे में लिया।
तलाशी की कार्रवाई पूरी होने के बाद यह टीम गोमतीनगर के विजयंत खंड पहुंची जहां एपी मिश्रा का कार्यालय है। मिश्रा अभी तक हाईकोर्ट की प्रैक्टिस कर रहे थे। सूत्रों का कहना है कि तलाशी में मिली एपी मिश्रा की डायरी में कई अहम राज छिपे हो सकते हैं। डायरी के बारे में अधिकारियों ने अभी कुछ नहीं बताया है। वहीं कंप्यूटर और मोबाइल की भी जरूरत पड़ने पर फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
मिश्रा के दो बैंक एकाउंट की मिली जानकारी
छापे के दौरान एपी मिश्रा के दो खातों के बारे में जानकारी मिली है। इसमें एक खाता पंजाब नेशनल बैंक में है और दूसरा खाता एचडीएफसी बैंक में है। मिश्रा ने इन खातों के बारे में बताया कि पीएनबी के खाते में उनके पीएफ का पैसा है। जबकि एचडीएफसी का एकाउंट फिलहाल प्रयोग में नहीं है, उसका एकाउंट नंबर भी एपी मिश्रा नहीं बता पाए। ईओडब्ल्यू की टीम ने विकास नगर स्थित सुधांशु द्विवेदी के आवास की भी तलाशी ली। इस दौरान कई अहम दस्तावेज और मोबाइल ईओडब्ल्यू ने अपने कब्जे में लिए हैं।
मिश्रा बोले, फाइल पर नहीं होता था एमडी का अनुमोदन
दीवान हाउसिंग में निवेश को लेकर जिस प्रस्ताव पर एपी मिश्रा ने अनुमोदन किया है उसके बारे में ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने पूर्व एमडी एपी मिश्रा और तत्कालीन वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी से सवाल किए। मिश्रा ने कहा कि निवेश को लेकर फाइलों पर उनका अनुमोदन होता ही नहीं था। जब वित्त निदेशक एसके अग्रवाल थे, उसी दौर से ही वित्त निदेशक का ही ऐसी पत्रावलियों पर अनुमोदन होता था।
एपी मिश्रा की इस तथ्य की सुधांशु द्विवेदी ने भी तस्दीक की। ईओडब्ल्यू के जांच अधिकारियों ने जब प्रस्ताव पर उनके अनुमोदन के लिए ‘ओके’ लिखकर किए गए हस्ताक्षर के बारे में पूछा तो मिश्रा ने कहा कि ऐसी किसी पत्रावली या प्रस्ताव पर उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं, यह उन्हें याद नहीं है। फाइल देखने के बाद ही वह बता पाएंगे कि हस्ताक्षर उन्हीं के हैं या फर्जी बनाए गए हैं।