गैंगरेप मामले में फंसे गायत्री प्रजापति की दूसरी अर्जी भी खारिज, 21 को होगी सुनवाई
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चित्रकूट की महिला से सामूहिक दुराचार व उसकी पुत्री से दुराचार का प्रयास करने के मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की ओर से उन्हें आरोपों से मुक्त करने की मांग वाली दूसरी अर्जी पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश उमाशंकर शर्मा ने खारिज कर दी।
कोर्ट ने गवाही के लिए 3 अक्तूबर की तारीख तय की है। वहीं आरोपी द्वारा जमानत के लिए दी गई दूसरी अर्जी पर 21 सितंबर को सुनवाई होगी।
पूर्व मंत्री ने आरोप मुक्त करने की मांग वाली दूसरी अर्जी देकर बताया था कि उनके खिलाफ कोर्ट के समक्ष कोई पुख्ता साक्ष्य पुलिस ने पेश नहीं किया है। सरकारी वकील एमके. सिंह ने उनकी अर्जी का विरोध करते हुए कहा था कि आरोपी गायत्री प्रसाद प्रजापति की ओर से पूर्व में भी आरोपों से मुक्त करने के लिए अर्जी दी गई है। इस पर दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के बाद कोर्ट ने गत 18 जुलाई को अर्जी खारिज कर दिया था।
इनके खिलाफ तय हो गए थे आरोप
इसके बाद कोर्ट ने पूर्व मंत्री गायत्री, विकास वर्मा, अशोक तिवारी, आशीष शुक्ला, अमरेन्द्र सिंह, चन्द्रपाल व राजेश्वर उर्फ रूपेश के खिलाफ आरोप तय कर दिया था। सरकारी वकील ने आरोपी की दूसरी अर्जी को पोषणीय न मानते हुए खारिज करने की मांग की।
उन्होंने बताया कि आरोप तय होने के बाद महिला की गवाही होनी थी लेकिन दो तारीखों पर वह गवाही देने नहीं आ सकी। इसके चलते आरोपी ने दूसरी अर्जी दी है।
गौरतलब है, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गौतमपल्ली पुलिस ने गायत्री प्रजापति व उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके चार्जशीट दायर की थी।