{"_id":"57a772e20afa2603c6655c5184cadf73","slug":"permit-distribute-to-hide-bribery","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुलासा: 'अवैध' पत्र पर जारी हो रहे 'वैध' परमिट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुलासा: 'अवैध' पत्र पर जारी हो रहे 'वैध' परमिट
नरेश शर्मा/लखनऊ
Updated Mon, 28 Oct 2013 09:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
40-40 हजार रुपये की घूस देकर डीजल टैंपो के परमिट का मंजूरी पत्र हथियाने वाले आवेदकों ने दलालों की घेराबंदी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
दलालों ने भी कर्मियों पर घूस की रकम वापस करने या डीजल टैंपो का सत्यापन करके परमिट जारी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
घूसखोरी के बवाल को रोकने की खातिर संभागीय परिवहन दफ्तर (आरटीओ) में परिवहन आयुक्त एवं उपायुक्त के आदेश को दरकिनार करके अवैध मंजूरी पत्र पर धड़ल्ले से वैध डीजल टैंपो परमिट जारी हो रहे हैं।
विज्ञापन
परमिट घोटाला सामने आने के बाद से अब तक 18 परमिट जारी हो चुके हैं और 25 सत्यापन के लिए लाइन में लगे हैं।
गौरतलब हो कि संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ने जनहित में सूचना प्रकाशित कराए बिना गुपचुप तरीके से इटौंजा,मलिहाबाद एवं गोसाईगंज रूट पर डीजल टैंपो का संचालन कराने के लिए 1200 परमिट के मंजूरी पत्र जारी कर दिए।
विज्ञापन
पढ़ें- शहर के ड्राइवर अब फेसबुक पर होंगे
ऐसे परमिट के लिए दलालों एवं कर्मियों ने खूब चांदी काटी। परिवहन मुख्यालय तक भनक पहुंची तो जोनल उपायुक्त गंगाफल ने 14 अक्टूबर को आरटीओ एपी सिंह को पत्र भेजकर पूरी प्रक्रिया पर रिपोर्ट तलब की।
लेकिन आरटीओ ने उपायुक्त के पत्र को दरकिनार करके परमिट के मंजूरी पत्र को जारी करने का सिलसिला जारी रखा।
मीडिया में सच सामने आया तो परिवहन आयुक्त रजनीश गुप्ता ने प्रकरण को संज्ञान में लेकर अपर उपायुक्त (प्रशासन) की अगुवाई में उच्च स्तरीय जांच बैठा दी।
आरटीओ में टैंपो का सत्यापन करके परमिट जारी करने का सिलसिला जारी है। परमिट घोटाला उजागर होने के बाद भी किसी अधिकारी ने परमिट जारी होने की प्रक्रिया पर पाबंदी नहीं लगाई।
दरअसल परमिट जारी होने पर पाबंदी लगते ही जिन आवेदकों ने घूस देकर मंजूरी पत्र हासिल किए वह बवाल मचाना शुरू कर देंगे।
गंगाफल बताते कि अब तो उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट पर ही कार्रवाई होगी। समिति चाहे तो परमिट जारी करने की प्रक्रिया को रोक सकती है।
लखनऊ की और खबरों के लिए यहां आएं...