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राममंदिर निर्माण में मांगी गई विदेशी चंदा लेने की अनुमति, ट्रस्ट ने गृह मंत्रालय में किया आवेदन
Thu, 17 Sep 2020 08:39 PM IST
Vikas Kumar
माई सिटी रिपोर्टर, अयोध्या
माई सिटी रिपोर्टर, अयोध्या
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 17 Sep 2020 08:39 PM IST
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राम मंदिर का प्रस्तावित मॉडल
- फोटो : अमर उजाला
भव्य राममंदिर निर्माण के लिए रामभक्तों में आर्थिक सहयोग देने की होड़ लगी हुई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कार्यालय विदेशों से चंदा देने के लिए रोजाना आ रहे फोन के मद्देनजर अब गृह मंत्रालय से फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए) के तहत इजाजत लेने के लिए आवेदन किया है। यह अनुमति मिलते ही हजारों की तादाद में विदेशों में रह रहे भारतीय खजाना खोल देंगे।
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भूमि पूजन के बाद से मंदिर निर्माण के लिए दान देने का सिलसिला तेज है। लोग चेक, मनी ऑर्डर, ऑनलाइन ट्रांसफर, नकदी समेत आभूषण, चांदी की ईंटें आदि के जरिये चंदा भेज रहे हैं। ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार राम मंदिर के लिए 70 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अकाउंट में जमा हो चुका है। सबसे ज्यादा चंदा ट्रस्ट के एसबीआई खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर के द्वारा आया है। राममंदिर ट्रस्ट के कार्यालय पर प्रतिदिन करीब 20 से 30 हजार की नगदी आ रही है। इसके अलावा प्रतिदिन कई चेक भी आ रहे हैं, जिन्हें ट्रस्ट के बैंक अकाउंट में जमा कराया जाता है। इसके अलावा मनीऑर्डर भी बड़ी संख्या में डाकखाने में आ रहे हैं।
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दूसरी तरफ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को विदेश में रहने वाले एनआरआई की ओर से चंदे देने के लिए खूब फोन आ रहे हैं, लेकिन ट्रस्ट अभी विदेशी चंदा लेने के लिए अधिकृत नहीं है। अब ट्रस्ट ने विदेशी चंदे के लिए गृह मंत्रालय से फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत इजाजत लेने के लिए आवेदन किया है। ट्रस्ट एनआरआई से चंदा हासिल करने के लिए पंजाब नेशनल बैंक में एक एनआरआई अकाउंट भी खुलवाने जा रहा है।
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क्या है एफसीआरए
भारत में जब कोई व्यक्ति या संस्था, एनजीओ किसी विदेशी स्रोत से चंदा लेती है तो उसे फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए) यानी विदेशी सहयोग विनियमन अधिनियम के नियमों का पालन करना होता है। पहले एफसीआरए 1976 को लागू किया गया था, लेकिन साल 2010 में नया फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट-2010 आ गया, जिसे 1 मई 2011 से लागू किया गया है।
राममंदिर को मिला मोरारी बापू के शिष्यों का 11 करोड़ दान
राममंदिर निर्माण के लिए प्रतिदिन विभिन्न तरीकों से दान पहुंच रहा है। अब तक राममंदिर के खाते में 70 करोड़ से अधिक का दान आ चुका है। मोरारी बापू की तरफ से घोषित किया गया 11 करोड़ का दान भी ट्रस्ट के खाते में पहुंच चुका है। उनके विदेशी शिष्यों ने भी राममंदिर के लिए सात करोड़ का दान जुटाया है, लेकिन ट्रस्ट के पास विदेशी दान लेने की सुविधा न होने के कारण यह दान फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए) के तहत इजाजत मिलने के बाद बैंक खाते में प्राप्त किया जाएगा।