यूपी की 34 अस्थायी जेलों में बंद किए गए कोरोना योद्धाओं पर हमले के आरोपी, विदेशी व जमाती भी कैद
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कोविड-19 के मद्देनजर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बनाई गई 34 अस्थायी जेलों में पुलिस, प्रशासन, अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। इसमें अस्थायी रूप से कारागार प्रशासन की ओर से लिपिक, जेल वार्डर और बंदी रक्षकों की नियुक्ति की गई है।
डीजी जेल आनंद कुमार ने बताया कि सीएम के निर्देश पर यहां 200 से अधिक कैदियों को रखा गया है। इसमें तब्लीगी जमात से जुड़े विदेशी व उनके मददगारों के अलावा ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें कोरोना योद्धाओं पर हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
जिलों में जरूरत के अनुसार, स्थानीय स्तर पर डीएम जगह अधिगृहीत कर अस्थायी जेल बना रहे हैं। यहां कैदियों के खान-पान की व्यवस्था जिला प्रशासन की है, जबकि बाहरी सुरक्षा पुलिस को करनी है। जिन जिलों में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू है, वहां की पूरी जिम्मेदारी पुलिस आयुक्त की होती है।
शिफ्ट होगी लखनऊ की अस्थायी जेल
लखनऊ पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय ने बताया कि लखनऊ में तब्लीगी जमात से संबंधित विदेशी नागरिकों को फिलहाल सआदतगंज क्षेत्र के कश्मीरी मोहल्ला के स्कूल में रखा गया है। यहां एक शिफ्ट में कम से कम 25 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी रहती है।
जेल वार्डर, बंदी रक्षक और अन्य स्टाफ जेल का है। उन्होंने बताया कि घनी आबादी के बीच बनी अस्थायी जेल को शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है।