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UP News: हर रोज फुंक रहे 11 सौ से ज्यादा ट्रांसफार्मर, शिकायतों का समय पर नहीं हो रहा समाधान, जनता परेशान
Sun, 06 Aug 2023 03:25 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 06 Aug 2023 03:25 PM IST
सार
यूपी में बिजली विभाग से जुड़ी जनता की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं किया जा रहा है। लोग फुंके ट्रांसफार्मर व तार जोड़वाने के लिए उपकेंद्रों के चक्कर काट रहे हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केस-1: जौनपुर के करंजा कला में 20 दिन से ट्रांसफार्मर फुंका है। गांव के किसान जमुना प्रसाद ने शिकायत की। शिकायत (संख्या पीयू 25072302458) करने के कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर संदेश आया कि शिकायत निस्तारित कर दी गई है। जबकि अब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है। पूरा गांव अंधेरे में है। किसानों की फसल सूख रही है।
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केस-2: लखनऊ के अधिवक्ता अतीश अग्रवाल ने शिकायत की कि उनकी गली में खंभा टेढ़ा हो गया है। केबल जल जाने से आपूर्ति बाधित है। समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसके बाद भी उनकी शिकायत संख्या एमवी 05082303749 को निस्तारित होने का बार-बार मैसेज भेजा जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश में हर दिन करीब 1100 से ज्यादा ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। आम उपभोक्ता और किसान ट्रांसफार्मर बदलवाने और टूटे तारों को जोड़वाने के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन न परेशानी का समाधान हो रहा है और न ही उन्हें मुआवजा दिया जा रहा है। वहीं, 1912 पर आने वाली शिकायतों को वैकल्पिक तरीके से निस्तारित कर दिया जा रहा है।
दरअसल, ऊर्जा विभाग की ओर से विकसित किए गए सॉफ्टवेयर 1912 पर शिकायतों का निस्तारण न होने पर मुआवजा देने का प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक हर माह करीब पांच हजार शिकायतें आ रही हैं, लेकिन इन्हें छह घंटे के अंदर निस्तारित होना दिखा दिया जाता है। विभाग का दावा है कि ट्रांसफार्मर फुंकने पर शहरी क्षेत्रों में आठ घंटे, क्लास वन सिटी में छह घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे में हर हाल में बदल दिया जाता है। लेकिन दावे हकीकत से अलग हैं।
उपभोक्ता ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए उपकेंद्र और स्टोर का चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं, पर सुनवाई नहीं हो रही है। निदेशक वाणिज्य अमित कुमार श्रीवास्तव से पूछा गया तो उनका कहना था कि वे छुट्टी पर हैं। 1912 से जुड़े दूसरे अधिकारी भी मामले को टालते रहे।
ओवरलोड होने से जल रहे ट्रांसफार्मर
प्रदेश में कुल जलने वाले ट्रांसफार्मर में करीब आधे से ज्यादा ओवरलोड व अनबैलेंसिंग से खराब हो रहे हैं। वितरण ट्रांसफार्मर जलने के बाद हर दिन 150 रुपये के हिसाब से मुआवजा देने का प्रावधान है। लेकिन ट्रांसफार्मर के मामले में एक भी उपभोक्ता को अब तक मुआवजा नहीं दिया गया है।
पूरे मामले की जांच हो : वर्मा
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा पूरे प्रदेश से ट्रांसफार्मर के लिए लोग परेशान हैं। जब उपभोक्ता क्षेत्रीय अभियंता से संपर्क करता है तो उन्हें जवाब दिया जाता है कि जले ट्रांसफार्मर की सूचना स्टोर को दे दी गई है। इंडेंट दाखिल कर दिया गया है, जैसे ट्रांसफार्मर मिलेगा लग जाएगा। पूरी प्रक्रिया में लंबा वक्त लगता है। लेकिन एक भी उपभोक्ता को मुआवजा नहीं दिया गया। ऐसे में शिकायतों के निस्तारण के मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा यदि विद्युत वितरण निगमों में कार्यप्रणाली नहीं सुधारी तो नियामक आयोग के मुआवजा कानून के तहत अवमानना वाद दाखिल किया जाएगा।