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नदी की जमीन पर काबिज पूर्व आईएएस के निर्माण हटाने में कार्रवाई नहीं होने पर डीएम से मिले लोग
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पूर्व आईएएस हरीश चंद्र के गोमती नदी की जमीन कब्जा कर बनाए गए बंगले और दूसरे निर्माण नहीं तोड़ने की शिकायत को लेकर स्थानीय लोग सोमवार को डीएम से मिले।
लोगों ने डीएम से मांग की कि जमीन को खाली कराया जाए। इसका उपयोग गोमती किनारे ग्रीन बेल्ट या पार्क बनाने में हो।
गोपरामऊ, पुरवा, रेठा, धतिंगरा, वौरमऊ आदि गांव के प्रतिनिधि लोग डीएम से सोमवार को कलैक्ट्रेट स्थित कार्यालय में मिले।
लोगों का कहना है कि खसरा संख्या 2488 नदी के नाम से गोपरामऊ में दर्ज है। इस जमीन पर अवैध कब्जे हटवाने के लिए सदर व बीकेटी तहसील के एसडीएम, तहसीलदार यहां ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
इस खसरा का रकबा करीब 74 बीघा 19 बिस्वा है। इसमें से करीब 23 बीघा जमीन पूर्व आईएएस हरीश चंद्र व उनके बेटे ने जाली दस्तावेज के जरिये अपने नाम दर्ज करा ली है।
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इस एंट्री को निरस्त करने और जमीन पर कब्जा लेने का आदेश डिप्टी कलेक्टर राजस्व कोर्ट से हो चुका है। बाकी जमीन भी अभी कब्जे में हैं।
पूर्व आईएएस ने यहां पक्का निर्माण कर बंगला बना लिया है। किसानों की भी जमीन दबंगई से कब्जाई है। इसे भी खाली करवाए जाने की मांग की गई।
वरिष्ठ अधिकारी महेंद्र पांडेय ने बताया कि डीएम सूर्यपाल गंगवार ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस प्रकरण में उन्होंने जानकारी दी है कि पैमाइश व जरूरी सीमांकन किया जा चुका है। इसके अलावा सैरपुर थाने में भी पुलिस को तहरीर देकर किसानों के साथ दबंगों द्वारा अभद्रता करने व झगड़ा-फसाद कराने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई है।
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लोगों ने डीएम से मांग की कि जमीन को खाली कराया जाए। इसका उपयोग गोमती किनारे ग्रीन बेल्ट या पार्क बनाने में हो।
गोपरामऊ, पुरवा, रेठा, धतिंगरा, वौरमऊ आदि गांव के प्रतिनिधि लोग डीएम से सोमवार को कलैक्ट्रेट स्थित कार्यालय में मिले।
लोगों का कहना है कि खसरा संख्या 2488 नदी के नाम से गोपरामऊ में दर्ज है। इस जमीन पर अवैध कब्जे हटवाने के लिए सदर व बीकेटी तहसील के एसडीएम, तहसीलदार यहां ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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इस खसरा का रकबा करीब 74 बीघा 19 बिस्वा है। इसमें से करीब 23 बीघा जमीन पूर्व आईएएस हरीश चंद्र व उनके बेटे ने जाली दस्तावेज के जरिये अपने नाम दर्ज करा ली है।
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इस एंट्री को निरस्त करने और जमीन पर कब्जा लेने का आदेश डिप्टी कलेक्टर राजस्व कोर्ट से हो चुका है। बाकी जमीन भी अभी कब्जे में हैं।
पूर्व आईएएस ने यहां पक्का निर्माण कर बंगला बना लिया है। किसानों की भी जमीन दबंगई से कब्जाई है। इसे भी खाली करवाए जाने की मांग की गई।
वरिष्ठ अधिकारी महेंद्र पांडेय ने बताया कि डीएम सूर्यपाल गंगवार ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस प्रकरण में उन्होंने जानकारी दी है कि पैमाइश व जरूरी सीमांकन किया जा चुका है। इसके अलावा सैरपुर थाने में भी पुलिस को तहरीर देकर किसानों के साथ दबंगों द्वारा अभद्रता करने व झगड़ा-फसाद कराने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई है।